शिलिगुड़ी में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर जहां कई लोग चिंता और भ्रम में हैं, वहीं स्थानीय निवासी पिंकू पाल ने इस प्रक्रिया को लेकर एक संतुलित মত सामने रखा। उनके अनुसार SIR का प्रभाव दोनों तरह से दिख रहा है— सकारात्मक भी और नकारात्मक भी।
पिंकू पाल ने कहा—
“SIR की वजह से अच्छा भी हो रहा है और बुरा भी। कई लोग अब दस्तावेज़ ठीक रखने और अपडेट करने के प्रति जागरूक हुए हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन दूसरी तरफ़, कई लोग गलत जानकारी और अफवाहों के कारण डर और तनाव में हैं, जो बिल्कुल ठीक नहीं।”
उन्होंने आगे बताया—
“लोग पहले कागज़-पत्तों की अहमियत समझते नहीं थे। अब वे सजग हो रहे हैं, यह सकारात्मक है। लेकिन लगातार बदलती जानकारी और अफवाहों की वजह से आम लोगों में बेचैनी भी बढ़ी है।”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि SIR को নিয়ে स्पष्ट और सही जानकारी मिलলে स्थिति बेहतर হবে।
पिंकू पाल भी इसी बात पर ज़ोर देकर कहते हैं—
“अगर सरकार और प्रशासन साफ़-साफ़ जानकारी दे, तो लोगों का डर कम होगा और वे चैन से अपने दस्तावेज़ तैयार कर पाएंगे।”
SIR प्रक्रिया को लेकर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया बनी हुई है, लेकिन जागरूकता बढ़ने को कई लोग सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।