आवेदन-पत्र जमा करने के अंतिम दिन पापिया घोष की सहकर्मियों के साथ चर्चा; नए थानाध्यक्ष सुदीप दत्त का ফুল माला से स्वागत

वोरर आलोक थाना क्षेत्र में मंगलवार का दिन प्रशासनिक गतिविधियों और स्थानीय हलचलों से खासा व्यस्त रहा। एक ओर जहाँ विभिन्न विभागों में आवेदन-पत्र जमा करने की अंतिम तिथि होने के कारण पापिया घोष अपने सहकर्मियों के साथ विस्तृत चर्चा और समीक्षा में लगी रहीं, वहीं दूसरी ओर पूरे क्षेत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला—थाने के नए प्रभारी सुदीप दत्त का औपचारिक स्वागत।

सुबह के समय सुदीप दत्त के थाने पहुंचते ही स्थानीय नागरिकों ने फूलों का गुच्छा भेंट कर, मिठाई खिलाकर और पारंपरिक तरीके से उनका हार्दिक अभिनंदन किया। स्वागत कार्यक्रम में उत्साह का माहौल साफ झलक रहा था, मानो इलाके में प्रशासनिक स्थिरता और नई ऊर्जा की शुरुआत हो रही हो।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे—
बिन्नागुड़ी ग्राम पंचायत के प्रधान सुमीजुद्दीन अहमद, समाजसेवी विजय दास, तुषार कांति दत्त, प्रफुल्ल राय, मोहम्मद सालेमान, साबुल राय, दिपेन अधिकारी, ऋषिकेश राय, महेंद्र राय तथा क्षेत्र के अन्य अनेक सम्मानित नागरिक।

स्थानीय लोगों में उत्साह का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सुदीप दत्त इससे पहले आमबाड़ी फाड़ी के ऑफिसर-इन-चार्ज के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ अत्यंत दक्षता और सफल प्रबंधन के साथ निभा चुके हैं। उन्हें कानून-व्यवस्था की चुनौतियों, इलाके के सामाजिक-आर्थिक ढाँचे और नागरिक अपेक्षाओं की अच्छी समझ है। इसी अनुभव के चलते लोग आश्वस्त हैं कि वे वोरर आलोक थाना क्षेत्र में भी शांति, सुरक्षा और प्रशासनिक अनुशासन को मजबूती से कायम रखेंगे।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “सुदीप दत्त कड़े लेकिन न्यायपूर्ण अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उनके आने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी।”
अन्य लोगों ने भी यही विश्वास व्यक्त किया कि उनका पुनर्प्रत्यावर्तन प्रशासन और आम नागरिकों दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा।

दूसरी ओर, आवेदन-पत्र जमा करने की अंतिम अवधि होने के कारण स्थानीय कार्यालयों में भी पूरे दिन चहल-पहल रही। पापिया घोष अपने सहयोगियों के साथ आवश्यक दस्तावेजों की जांच-पड़ताल, अंतिम सूचीकरण और प्रक्रिया-सम्बंधित बातचीत में व्यस्त रहीं। उनके अनुसार, “यह दिन पूरे साल के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक दिनों में से एक है, इसलिए किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा गया।”

दिन भर चली इन गतिविधियों से स्पष्ट है कि क्षेत्र में प्रशासनिक रूप से एक नया अध्याय शुरू हो रहा है—एक ओर अनुभवयुक्त थानाध्यक्ष का आगमन, दूसरी ओर कागजी कार्यवाहियों और योजनाओं की अंतिम तैयारियाँ, दोनों ही स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को नई दिशा दे रहे हैं।

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