कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस ने अपने राजनीतिक अभियान को और तेज कर दिया है। पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने “आबार जितबे बांग्ला” के नारे के साथ राज्य-व्यापी दौरे की शुरुआत की है। इस अभियान के ज़रिये तृणमूल कांग्रेस आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने और सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखने की कोशिश कर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी इस दौरे के दौरान विभिन्न जिलों में सभाएं, सड़क पर जनसंवाद और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से लोगों से बातचीत करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं इस अभियान के प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
तृणमूल नेताओं का कहना है कि यह दौरा केवल चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याएं सुनने और समाधान खोजने की एक पहल है। पार्टी का दावा है कि जनता के सुझावों और शिकायतों को आगामी रणनीति में शामिल किया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान, भाषा और सम्मान की रक्षा तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिकता रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल लगातार गलत जानकारी फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका जवाब सच्चाई और विकास के आंकड़ों से दिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह राज्य-व्यापी अभियान तृणमूल कांग्रेस के लिए अहम साबित हो सकता है। इससे न केवल पार्टी संगठन को मज़बूती मिलेगी, बल्कि आम मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क भी बढ़ेगा।
वहीं, विपक्षी दलों ने इस अभियान को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रचार करार दिया है। हालांकि तृणमूल का कहना है कि जनता ही तय करेगी कि कौन राज्य के विकास और स्थिरता के पक्ष में है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि “आबार जितबे बांग्ला” अभियान का जनता पर कितना असर पड़ता है और आने वाले दिनों में यह राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।