पूर्व बर्धमान: पश्चिम बंगाल में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। पूर्वस्थली उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निमदह ग्राम पंचायत की दक्षिण हाटसियूरी बस्ती में मात्र एक वर्ष पहले बनी कंक्रीट सड़क अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। सड़क जगह-जगह से टूट गई है, बड़े-बड़े दरारें पड़ चुकी हैं और कई हिस्सों में कंक्रीट उखड़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क गांव के लिए जीवनरेखा की तरह है। लगभग एक हजार परिवार रोज़ाना इसी रास्ते से स्कूल, बाज़ार, मस्जिद और कामकाज के लिए आते-जाते हैं। लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई ग्रामीण गिरकर घायल हो चुके हैं, खासकर बुज़ुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के समय घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और काम में भारी लापरवाही बरती गई। यही कारण है कि एक साल के भीतर ही सड़क टूटकर बिखरने लगी। इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
सड़क ही नहीं, पूरे गांव में अव्यवस्था का माहौल है। कई जगह बिजली के खंभे खतरनाक ढंग से झुके हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं, एक तालाब के चारों ओर गार्डवाल बनाने का काम शुरू तो हुआ था, लेकिन कुछ बांस गाड़ने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कभी बारिश, तो कभी मिट्टी न मिलने जैसे बहाने बनाकर काम टाल दिया जा रहा है।
इस जर्जर सड़क का एक हिस्सा गांव की बड़ी मस्जिद के पास से गुजरता है। शाम के समय नमाज़ के लिए आने वाले कई बुज़ुर्ग अंधेरे में सड़क की दरारें न देख पाने के कारण गिरकर चोटिल हो चुके हैं। पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने से रात में हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं।
कुछ महीनों बाद ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में ग्रामीणों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या चुनाव से पहले इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत होगी, या फिर मतदान के बाद एक बार फिर हाटसियूरी को भुला दिया जाएगा। पिछले 15 वर्षों से ‘रास्ताश्री’ और ‘पथश्री’ जैसी योजनाओं के नाम पर विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें आज तक सिर्फ वादों का ढेर और उपेक्षा ही मिली है।
चुनाव नज़दीक आते ही दक्षिण हाटसियूरी में लोगों का यह आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।