आस्था के सागर की ओर उमड़ा जनसमूह,गंगासागर की पावन भूमि पर श्रद्धा, तप और विश्वास का महाकुंभ

दक्षिण 24 परगना | SE News विशेष रिपोर्ट:
आज गंगासागर की ओर बढ़ते हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ यह साबित कर रही है कि आस्था आज भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत है। भोर की पहली किरण के साथ ही सड़कों, ट्रेनों, बसों और जलमार्गों पर एक ही दिशा में बढ़ता जनसैलाब—गंगासागर। किसी के हाथ में बैग, किसी के चेहरे पर थकान, तो किसी की आंखों में गहरी श्रद्धा, लेकिन हर दिल में एक ही विश्वास।

गंगासागर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। जहां गंगा नदी का मिलन बंगाल की खाड़ी से होता है, वहीं मकर संक्रांति के अवसर पर पवित्र स्नान और कपिल मुनि मंदिर के दर्शन को जीवन का सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है।

भीड़ में भी शांति की अनुभूति

लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद गंगासागर में एक अद्भुत शांति और अनुशासन देखने को मिलता है। कोई मंत्र जप में लीन है, कोई परिवार के साथ स्नान की तैयारी कर रहा है, तो कोई आंखें बंद कर प्रभु से मनोकामना कर रहा है। यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि श्रद्धा का महासागर है।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। कई लोगों ने बताया कि वे कई दिनों की कठिन यात्रा तय कर गंगासागर आए हैं, लेकिन थकान का एहसास कहीं खो जाता है।

एक वृद्ध श्रद्धालु ने कहा,
“शरीर थक जाता है, लेकिन मन को जो शांति मिलती है, वही असली सुख है। गंगासागर आना आत्मा को शुद्ध करता है।”

कपिल मुनि मंदिर में आस्था की कतार

गंगासागर यात्रा का प्रमुख केंद्र कपिल मुनि मंदिर है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं कपिल मुनि ने तपस्या की थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां दर्शन करने और गंगा स्नान से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है।

मंदिर परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालु धैर्य और अनुशासन के साथ अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

प्रशासन की कड़ी तैयारी

इतने बड़े जनसमागम को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था की है। पुलिस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवक चौबीसों घंटे तैनात हैं। अस्थायी चिकित्सा शिविर, पीने के पानी, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और परिवहन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

आस्था ही सबसे बड़ा सहारा

गंगासागर मेला यह दिखाता है कि आधुनिक जीवन की व्यस्तता और कठिनाइयों के बावजूद इंसान की श्रद्धा आज भी अडिग है। साल दर साल लोग यहां लौटते हैं, क्योंकि यहां केवल स्नान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, संतोष और विश्वास की अनुभूति मिलती है।

SE News का विश्लेषण

गंगासागर मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामूहिक विश्वास का जीवंत उदाहरण है। यह यात्रा सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा इंसान को हर कठिन रास्ते पर आगे बढ़ने की शक्ति देती है।

SE News गंगासागर मेले की हर महत्वपूर्ण गतिविधि पर आपकी नजर बनाए हुए है।

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