एक बेहद दर्दनाक हादसे में 11 साल के एक मासूम बच्चे की जान चली गई। घर के पास स्थित खुले नाले में गिरने से बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब बच्चा अपने दोस्तों के साथ घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह सड़क किनारे बने एक खुले नाले के पास चला गया और असावधानीवश उसमें गिर पड़ा। नाले में गंदा पानी और कीचड़ भरा होने के कारण वह बाहर निकलने में असमर्थ रहा।
देर से मिली मदद, नहीं बच सकी जान
घटना के कुछ समय बाद बच्चे के परिजन और पड़ोसियों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उसे नाले के अंदर पाया गया। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नाला काफी समय से खुला पड़ा था और इसे ढकने या सुरक्षित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया था। लोगों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी इसी इलाके में खुले नालों के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“हमने कई बार अधिकारियों को इस खतरे के बारे में बताया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज एक बच्चे की जान चली गई।”
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले को ढक दिया जाता या चेतावनी संकेत लगाए जाते, तो इस हादसे को रोका जा सकता था।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच की जाएगी और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। हालांकि, जनता का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
नागरिक सुरक्षा पर गंभीर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है।
शोकग्रस्त परिवार ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।