केंद्रीय बजट 2026–27 पेश होने के दिन शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान और उसके बाद निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा, जिसके चलते बाजार लाल निशान में कारोबार करता दिखा। दिन के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक गिर गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 25,300 के आसपास फिसल गया।
बाजार खुलते ही हल्की कमजोरी के संकेत मिले थे, लेकिन बजट से जुड़ी घोषणाओं के बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। कई दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसका सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।
किन सेक्टरों में दिखा दबाव
बजट के दिन सबसे ज्यादा गिरावट जिन सेक्टरों में देखने को मिली, उनमें शामिल हैं—
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
आईटी सेक्टर
मेटल और एनर्जी सेक्टर
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार की व्यापक धारणा नकारात्मक बनी रही।
बाजार क्यों गिरा
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को बजट से कुछ तात्कालिक राहत और टैक्स से जुड़े बड़े ऐलान की उम्मीद थी। हालांकि बजट में दीर्घकालिक आर्थिक विकास पर जोर दिया गया, लेकिन अल्पकालिक दृष्टि से बाजार को कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं मिला। इसी वजह से निवेशकों ने मुनाफा निकालना बेहतर समझा।
इसके अलावा, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बजट के दिन इस तरह की अस्थिरता आम बात है। बजट से पहले बाजार में उम्मीदें बढ़ जाती हैं और जब वे पूरी तरह पूरी नहीं होतीं, तो करेक्शन देखने को मिलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट का असली असर आने वाले कुछ हफ्तों में साफ होगा।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञ निवेशकों को घबराने से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट नए अवसर भी ला सकती है। हालांकि अल्पकालिक निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है।
आगे की राह
आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि बजट में घोषित नीतियों का जमीन पर कितना असर पड़ता है। सरकारी खर्च, टैक्स ढांचे में बदलाव और विभिन्न सेक्टरों के लिए किए गए ऐलान बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बजट के बाद बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।