उत्तर बंगाल: गुरुवार देर रात उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में भूकंप के झटकों ने लोगों को चौंका दिया। गहरी नींद में सो रहे लोग अचानक धरती के हिलने से जाग गए। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, मिरिक, शिलिगुड़ी और आसपास के इलाकों में कंपन महसूस किए जाने की खबर है, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात लगभग 1 बजे के बाद अचानक हल्के से मध्यम झटके महसूस हुए। कई घरों में पंखे, दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं। कुछ ही सेकंड का यह कंपन था, लेकिन इसकी तीव्रता इतनी थी कि लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र सिक्किम के पर्वतीय इलाके में बताया जा रहा है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता लगभग 4.5 मापी गई। भूकंप की गहराई कम होने के कारण इसका असर उत्तर बंगाल के बड़े हिस्से में महसूस किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के उथले भूकंप अक्सर कम समय के लिए होते हैं, लेकिन उनका झटका ज्यादा महसूस होता है। इसी वजह से कम तीव्रता के बावजूद लोगों में डर फैल गया।
पर्यटन क्षेत्रों में भी असर
दार्जिलिंग और आसपास के पर्यटन स्थलों में ठहरे पर्यटकों के बीच भी हलचल देखी गई। कई होटलों में ठहरे लोग घबराकर लॉबी या खुले स्थानों की ओर निकल आए। होटल प्रबंधन ने पर्यटकों को स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया।
शिलिगुड़ी के कुछ इलाकों में लोगों ने बताया कि झटकों के बाद कुछ समय तक डर बना रहा और कई परिवार देर तक सो नहीं पाए।
अब तक नुकसान की कोई खबर नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाका
भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर बंगाल और सिक्किम का यह क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण समय-समय पर यहां इस तरह के झटके महसूस होते रहते हैं। पहले भी इस इलाके में कई बार हल्के और मध्यम स्तर के भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। साथ ही, भूकंप से बचाव से जुड़े नियमों और सावधानियों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई है।
हालात सामान्य, लेकिन चिंता बरकरार
भूकंप के बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हो गए, लेकिन देर रात आई इस प्राकृतिक घटना ने उत्तर बंगाल के लोगों को एक बार फिर प्रकृति की ताकत का एहसास करा दिया है।