राज्य में आगामी चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त की जिला अधिकारियों के साथ बैठक के बाद शुक्रवार को राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक को चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
हाल ही में Election Commission of India ने राज्य के जिलाधिकारियों (डीएम) के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में मतदाता सूची के विशेष संशोधन, कानून-व्यवस्था की स्थिति, संवेदनशील बूथों की पहचान और चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर कई निर्देश दिए गए। आयोग की इस पहल के बाद राज्य प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
शुक्रवार को Nabanna में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। सूत्रों के मुताबिक, हर जिले से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई और यह जानने की कोशिश की गई कि जमीनी स्तर पर तैयारियां कितनी आगे बढ़ी हैं।
बैठक में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पर खास जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या गड़बड़ी न रहे और सभी योग्य मतदाताओं का नाम सूची में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट मशीनों की उपलब्धता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। संभावित संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, केंद्रीय बलों की आवश्यकता, और चुनाव के दौरान प्रशासनिक समन्वय कैसे मजबूत रखा जाए—इन सभी पहलुओं पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, जिलों को नियमित मॉनिटरिंग करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
राजनीतिक हलकों में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चुनाव को लेकर और भी समीक्षा बैठकें हो सकती हैं। कुल मिलाकर यह साफ है कि राज्य प्रशासन चुनावी प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।