पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था, मुख्यमंत्री की सुरक्षा और पुलिस की भूमिका को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने एक विशेष साक्षात्कार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। पत्रकार Suman De के साथ बातचीत में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर टिप्पणी की। यह साक्षात्कार ABP Ananda पर प्रसारित हुआ और बाद में ABP Live पर प्रकाशित किया गया।
सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अतीत में कई बार उनके आवास के आसपास संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी गई। उन्होंने कहा कि कुछ मौकों पर लाठी-डंडे और यहां तक कि हथियार लेकर लोग इलाके में प्रवेश करने की कोशिश कर चुके हैं। इन घटनाओं की जांच कितनी गंभीरता से हुई, इस पर भी उन्होंने सवाल उठाया। उनके अनुसार, “घटनाएं होती हैं, लेकिन उसके बाद क्या कार्रवाई होती है, इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ मामलों में सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं रही। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन बाद में उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उनका रुख
साक्षात्कार के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके आवास के अंदर लगातार पुलिस बल तैनात नहीं रहता। उन्होंने बताया कि वे अत्यधिक सुरक्षा घेरे में रहने के पक्ष में नहीं हैं और सामान्य जीवन शैली को प्राथमिकता देती हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत रूप से बुलेटप्रूफ वाहन का उपयोग नहीं करतीं। सरकारी विशेष सुरक्षा वाहन के बजाय वे एक पार्टी के स्वामित्व वाली एसयूवी का उपयोग करती हैं। उनका कहना था कि जनता का विश्वास और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
पुलिस की भूमिका और जवाबदेही
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन को और अधिक सक्रिय तथा जिम्मेदार होना चाहिए। किसी भी सुरक्षा उल्लंघन या शिकायत की पूरी जांच और पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ मामलों में अपेक्षित तत्परता देखने को नहीं मिली।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की समग्र कानून-व्यवस्था स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है। उनके अनुसार, कुछ घटनाओं को राजनीतिक दृष्टि से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है।
राजनीतिक असर
राज्य में पहले से ही कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री के ये बयान नई चर्चा को जन्म दे सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही जैसे मुद्दे आने वाले समय में राज्य की राजनीति के केंद्र में रह सकते हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के इस साक्षात्कार ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर विमर्श को आगे बढ़ाया है। अब देखना होगा कि इन सवालों पर प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।