मुर्शिदाबाद में भूमि विवाद: हूमायूं कबीर की पत्नी को भूमिगत विभाग का शोकॉज नोटिस

मुरशिदाबाद, पश्चिम बंगाल — इस समय मुर्शिदाबाद जिले में एक नया राजनीतिक एवं प्रशासनिक विवाद उभर कर सामने आया है, जिसमें पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और Humayun Kabir के परिवार को लक्ष्य बनाया गया है। राज्य के भूमि और भूमि सुधार विभाग (Land & Land Reforms Department) ने हूमायूं कबीर की पत्नी मीरा सुल्ताना को एक शो-कज (शोकॉज) नोटिस जारी किया है, जिसमें उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बिना अनुमति के भूमि का उपयोग बदलकर अवैध निर्माण कराया है।

भूमि और भूमि सुधार विभाग के नोटिस के अनुसार, मीरा सुल्ताना ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा-II ब्लॉक के मोज़ा मैनिक्याहर में लगभग 0.02 एकड़ भूमि की श्रेणी और उपयोग बदल दिया, जो मूल रूप से एक जलमार्ग/नाला/जलाशय के रूप में दर्ज थी। यह परिवर्तन बिना किसी आधिकारिक अनुमति लिए किया गया था, जो वेस्ट बंगाल लैंड रिफॉर्म (WBLR) एक्ट, 1955 की धारा 4C और 4D के खिलाफ है। नोटिस में उन्हें सात (7) दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि क्यों उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

प्रशासन का कहना है कि स्थानीय लोगों की ओर से एक जनहित याचिका प्राप्त हुई थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि उक्त भूमि का उपयोग अवैध रूप से बदलकर उस पर निर्माण कार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति भूमि की श्रेणी या उपयोग बदलने और जलमार्ग/जलाशय को भरकर उस पर निर्माण करना सरकारी नियमों का उल्लंघन है।

हालांकि, मीरा सुल्ताना ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि “सब कुछ नियमों के अनुसार किया गया है” और वे नोटिस का जवाब देंगे। उनके पति हूमायूं कबीर ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उनका दावा है कि जब उन्होंने पहले यह घर बनाया था, तब संबंधित अधिकारियों ने अनुमति की आवश्यकता नहीं बताई थी, और अब यह नोटिस केवल राजनीतिक प्रभाव के लिए जारी किया गया है।

मीरा सुल्ताना और हूमायूं कबीर का कहना है कि वे लगभग 18 वर्षों से उसी घर में रह रहे हैं, जिसे उन्होंने स्थानीय परिवार से खरीदा था और तब से लगातार निवास कर रहे हैं। कबीर ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को चुनावों के समय राजनीतिक दबाव के तहत निशाना बनाया जा रहा है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हूमायूं कबीर राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में लगे हुए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई भी हुई है, जिसमें पुलिस द्वारा उनके दामाद के परिवार की संपत्ति को जब्त करने जैसी कार्रवाई भी शामिल रही है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि मीरा सुल्ताना द्वारा नोटिस का जवाब कैसे पेश किया जाता है, और विभाग अगले कदम के रूप में कौन से प्रशासनिक या कानूनी निर्णय लेता है। इस पूरे मामले ने मुर्शिदाबाद में राजनीतिक तेवरों को और अधिक गरमा दिया है, और आगामी दिनों में इसके राजनीतिक और कानूनी आयामों पर और व्यापक चर्चा की संभावना है।

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