हरियाणा के झज्जर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की नृशंस हत्या कर दी। मामला इतना भयावह है कि पुलिस को केवल 18 घंटे में ही हत्यारा पति गिरफ्तार करना पड़ा, जब उसके द्वारा गढ़ी गई डकैती की कहानी पुलिस के सामने उजागर हो गई।
पुलिस के अनुसार, मृतका महक (27) एक निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक में प्रबंधक के रूप में कार्यरत थीं। वे और उनके पति अंशुल धवन (31), जो खुद एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, की शादी पिछले साल 25 सितंबर को हुई थी, यानी शादी को अभी लगभग पांच महीने ही हुए थे। महक उस समय लगभग दो–तीन महीने की गर्भवती थीं।
घटना 15 फरवरी की रात की है, जब दंपति वैलेंटाइन डे सेलिब्रेशन के बाद गाड़ी से महक के माता-पिता के घर हांसी से गुरुग्राम लौट रहे थे। उसी समय झज्जर के पाहसौर गांव के पास महक की हत्या कर दी गई। शुरुआत में अंशुल ने पुलिस को फोन कर बताया कि कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोका, उन पर हमला किया और उनकी पत्नी को मारकर गाड़ी ले गए। पुलिस को डायल 112 पर यह सूचना करीब रात 11 बजे मिली थी।
पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो महक का शव सड़क किनारे एक सूखे नाले के पास पड़ा मिला, और गले पर गंभीर चोट के निशान स्पष्ट दिखाई दिए। शुरुआती तौर पर मामला डकैती-सहित हत्या के रूप में दर्ज किया गया, लेकिन जांच अधिकारियों ने अंशुल के बयान में कई विरोधाभास पाए। वह कतारबद्ध विवरण नहीं दे पा रहा था — जैसे कि हमलावरों की संख्या, कपड़े या वाहन के बारे में कोई ठोस जानकारी देना।
कड़ी पूछताछ के दौरान पुलिस को अंशुल की कई कथाएँ बदलते हुए पाई, जिससे अधिकारियों को संदेह होने लगा और अंततः उसने हत्या स्वीकार कर ली। अंशुल ने पुलिस को बताया कि हत्या पहले से योजनाबद्ध थी, और उसने महक को पहले गला दबाकर मार डाला तथा फिर कैंची से उसके गले को काट दिया, ताकि यह दुष्कर्म का दृश्य अधिक भयावह लगे। इसके लिए उसने दस्ताने भी पहने ताकि उसके फिंगरप्रिंट न मिलें। इसके बाद उसने महक की लाश को कार से बाहर निकाला और डकैती की कहानी गढ़ने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि यह हत्या पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का फल थी। अंशुल को महक के चरित्र पर संदेह था और वह अक्सर उसकी फोन कॉल्स और बातचीत को लेकर नाराज़ रहता था। माना जा रहा है कि इसी अविश्वास और बहस के कारण वह क्रोधित हो गया और उसे मार डाला।
महक के परिवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें शुरू से ही अंशुल पर संदेह था। महक के भाई ने कहा, “हम न्याय चाहते हैं — दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसने यह भी नहीं सोचा कि उसकी पत्नी गर्भवती थी।”
पुलिस ने अंशुल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि वह जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा, और मामले के सभी पहलुओं की पूरी छानबीन की जा रही है।
यह दर्दनाक त्रासदी गृहिणी सुरक्षा, घरेलू विश्वास और दंपती के बीच गहरे मनोवैज्ञानिक तनाव जैसे मुद्दों को एक बार फिर से सामने ला रही है। हिंसा और संदेह के कारण रिश्तों में उत्पन्न होने वाले भयावह परिणामों पर अब सामाजिक रूप से और कानूनी रूप से गंभीर विचार होना आवश्यक प्रतीत होता है।