पश्चिम बंगाल में चल रही सामाजिक सहायता योजनाओं को लेकर एक बड़ा सवाल इन दिनों सुर्खियों में है — क्या जो लोग ‘कृषकबंधु’ योजना के तहत सहायता प्राप्त कर रहे हैं, वे ‘युवासाथी’ (YuvaSathi) योजना में भी आवेदन कर सकते हैं या लाभ ले सकते हैं? सोशल मीडिया, फेसबुक पोस्ट और यूट्यूब वीडियो में इस विषय पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं लेकिन क्या यह दावा वास्तविक है? इस खबर में हम इसी भ्रम व दावे के तार्किक पक्ष को समझेंगे।
दो अलग-अलग योजनाएँ — अलग उद्देश्य
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि ‘कृषकबंधु’ और ‘युवासाथी’ दो अलग-अलग सरकारी योजनाएँ हैं।
कृषकबंधु: यह योजना मुख्य रूप से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए है। इसके तहत किसानों को फसल सहायता या सालाना अनुदान मिलता है। इसके अलावा अगर किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को भी निर्धारित सहायता राशि दी जाती है।
युवासाथी: यह योजना राज्य के बेरोज़गार युवाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए है। इसका मकसद शिक्षित युवा वर्ग को कार्य तलाशने के दौरान वित्तीय सहारा देना है। इस योजना के तहत पात्र युवकों/युवतियों को एक निर्धारित राशि दी जाती है।
👉 स्पष्ट रूप से देखा जाए तो दोनों योजनाओं का लक्ष्य अलग-अलग है — एक किसानों के लिए और दूसरा बेरोज़गार युवाओं के लिए।
सोशल मीडिया में क्या दावा किया जा रहा है?
कुछ फेसबुक पोस्ट, वीडियो और ब्लॉग्स में दावा किया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति कृषकबंधु योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे युवासाथी योजना के लिए भी स्वतः लाभ मिलेगा या उसे आवेदन में कोई रोक नहीं है।
लोग इसे ‘दोनों योजनाओं को एक साथ पाने का अधिकार’ कह रहे हैं। इस तरह के दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं, खासकर उन युवाओं के बीच जिनके परिवार कृषकबंधु योजना का लाभ उठा रहे हैं।
सरकारी दिशा-निर्देश क्या कहते हैं?
सबसे भरोसेमंद जानकारी सरकारी पोर्टल और आधिकारिक गाइडलाइन से मिलती है। फिलहाल उपलब्ध सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
✔️ कृषकबंधु योजना और युवासाथी योजना दोनों के लिए अलग-अलग पात्रता मानदंड हैं।
✔️ यदि कोई युवा कृषकबंधु का लाभ ले रहा है, तब भी वह युवासाथी योजना के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन उसे आवेदन में यह जानकारी ईमानदारी से भरनी होगी — यानी फॉर्म में यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वह कृषकबंधु योजना का लाभ भी ले रहा है।
✔️ आवेदन करने और लाभ प्राप्त करने के लिए युवासाथी योजना की पात्रता शर्तें (जैसे उम्र, पढ़ाई, बेरोज़गारी स्थिति आदि) पूरी करना आवश्यक है। केवल कृषकबंधु योजना का लाभ होने से यह अर्हता नहीं बनती।
👉 कई आधिकारिक कैंप और ब्लॉक-स्तर के पंजीकरण केंद्रों पर यह सूचना दी जा रही है कि यदि कोई आवेदनकर्ता लेखांकन में पारदर्शिता नहीं रखता या आवश्यक योग्यता पूरी नहीं करता, तो आवेदन रद्द किया जा सकता है।
खबरों में स्पष्टीकरण
कई ऑनलाइन पोर्टल और सरकारी विचार मंच यह स्पष्ट कर रहे हैं कि:
🔹 कृषकबंधु का लाभ होने पर स्वतः युवासाथी का लाभ नहीं मिलेगा।
🔹 योग्य युवा — चाहे वह कृषकबंधु का लाभ उठा रहा हो या न उठा रहा हो — अगर युवा योजना की पात्रता पूरी करता है, तो वह आवेदन के लिए पात्र है।
🔹 आवेदन के समय ‘लाभ प्राप्त योजनाओं’ की सही जानकारी देना अनिवार्य है। इसमें गलती, अत्यधिक जानकारी छुपाना या झूठी जानकारी देने पर लाभ रोक दिया जा सकता है।
अलग-अलग जानकारी के कारण भ्रम क्यों?
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स और वीडियो में अक्सर:
✔️ बिना आधिकारिक स्रोत के बयान मिलते हैं
✔️ ‘बड़ा अपडेट’ या ‘ब्रेकिंग’ जैसे शब्दों के साथ भ्रामक तस्वीरे/स्लाइड शो बनाये जाते हैं
✔️ बिना पुष्टि के वित्तीय लाभ आने की दावा किया जाता है
इससे आम लोगों में भ्रम फैलता है।
आवेदन करने वालों के लिए सलाह
➤ युवासाथी योजना में आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें।
➤ आवेदन फॉर्म में सभी बिंदुओं को ईमानदारी से भरें।
➤ यदि आप कृषकबंधु योजना के लाभार्थी हैं, तो उस जानकारी को स्पष्ट रूप से फॉर्म में भरें।
➤ यदि योग्यता पूरी नहीं होती है, तो आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
निष्कर्ष
🔎 सार यह है कि
कृषकबंधु लाभार्थी युवासाथी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं,
परंतु यह अपेक्षा नहीं कि लाभ अपने-आप मिलेगा।
आवेदन के दौरान योग्यताओं का पूरी तरह से पालन करना आवश्यक है।
सभी विवरण सही तरह से भरना, पारदर्शिता रखना और सरकारी निर्देशों का पालन करना बहुत ज़रूरी है।
अभी तक सरकारी स्तर से यह नहीं कहा गया है कि कृषकबंधु योजना का लाभ लेने पर सीधे-सीधे युवासाथी का लाभ मिलेगा या स्वीकृत होगा। अतः सभी को भरोसेमंद आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेना ही बुद्धिमानी होगी।