मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर पड़ने लगा है। क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ने और कई हवाई क्षेत्रों पर प्रतिबंध या सतर्कता बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, आज सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें भारत से आने-जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें भी शामिल हैं।
विमानन सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र के अस्थायी रूप से बंद रहने या सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण एयरलाइनों को अपने नियमित मार्गों में बदलाव करना पड़ रहा है। कई उड़ानों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे यात्रा समय और परिचालन लागत दोनों बढ़ रहे हैं। कुछ मामलों में सुरक्षा कारणों से सीधे उड़ानें रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। एयरलाइनों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति की अग्रिम जानकारी लेने की सलाह दी गई है। कई एयरलाइनों ने प्रभावित यात्रियों को टिकट रिफंड, री-शेड्यूलिंग या वैकल्पिक उड़ान की सुविधा देने की घोषणा की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में और भी अधिक उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें। स्थिति तेजी से बदल रही है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी समय नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, ईरान–इज़राइल संघर्ष का प्रभाव अब वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है, और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। परिस्थितियों के सामान्य होने तक विमान सेवाओं में अस्थिरता बनी रह सकती है।