मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के आम नागरिकों तक भी पहुंचने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में स्थिति अस्थिर हो गई है। इस तनाव के चलते कई देशों के हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं और अनेक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसी वजह से पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागर इलाके के कुछ युवक दुबई में फंस गए हैं। उनके परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है और सभी उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
काम के सिलसिले में गए थे दुबई
जानकारी के अनुसार सागर क्षेत्र के कुछ युवक काम की तलाश में या रोजगार के सिलसिले में दुबई गए थे। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और पश्चिम बंगाल के कई युवक भी रोजगार के लिए वहां जाते हैं। लेकिन हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अचानक स्थिति बदल गई।
इस संघर्ष के कारण कई देशों के एयरस्पेस पर असर पड़ा और कई उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी गईं। इसके चलते जो लोग दुबई या आसपास के देशों में थे, वे अपने घर वापस नहीं लौट पाए। यही स्थिति दक्षिण 24 परगना के इन युवकों के साथ भी हुई।
अचानक बदले हालात
परिवारों के अनुसार, शुरू में सब कुछ सामान्य था और युवकों की वापसी की योजना भी तय थी। लेकिन जैसे-जैसे मध्य पूर्व में हालात बिगड़ते गए, उड़ान सेवाएं प्रभावित हो गईं। कई एयरलाइनों ने सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द कर दीं।
यही कारण है कि भारत सहित कई देशों के यात्री दुबई और आसपास के क्षेत्रों में फंस गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान-इजरायल तनाव के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवारों में चिंता का माहौल
सागर इलाके में इन युवकों के घरों में चिंता का माहौल है। परिवार के लोग लगातार फोन या वीडियो कॉल के जरिए उनसे संपर्क बनाए हुए हैं। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने या किसी बड़े खतरे की खबर नहीं है, लेकिन युद्ध जैसी स्थिति के कारण परिवारों की चिंता स्वाभाविक है।
एक परिजन ने बताया कि टीवी और सोशल मीडिया पर लगातार युद्ध और मिसाइल हमलों की खबरें देखने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है। वे चाहते हैं कि उनके बेटे जल्द से जल्द सुरक्षित घर लौट आएं।
दुबई में अभी सामान्य लेकिन अनिश्चितता बरकरार
जानकारी के मुताबिक दुबई के अंदरूनी इलाकों में फिलहाल सामान्य स्थिति बनी हुई है। वहां रहने वाले भारतीयों का कहना है कि शहर में रोजमर्रा की गतिविधियां जारी हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ने से लोगों को अपने देश लौटने में मुश्किल हो रही है।
कई लोग होटल या किराए के कमरों में रुककर अगली उड़ान का इंतजार कर रहे हैं। कुछ लोग अपने दोस्तों या परिचितों के घरों में भी ठहरे हुए हैं।
कई भारतीय भी फंसे
सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि भारत के कई राज्यों के लोग इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में बताया गया है कि कई भारतीय छात्र, पर्यटक और कामकाजी लोग दुबई में फंस गए हैं क्योंकि उड़ान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
कुछ मामलों में भारत सरकार और एयरलाइंस कंपनियों ने विशेष उड़ानों के जरिए लोगों को वापस लाने की कोशिश भी की है। खबरों के मुताबिक हाल ही में दो विशेष उड़ानों से 600 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया गया।
सरकार से मदद की उम्मीद
दुबई में फंसे लोगों के परिवारों को उम्मीद है कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय जल्द ही इस मामले में जरूरी कदम उठाएंगे। यदि स्थिति ज्यादा बिगड़ती है या उड़ान सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित रहती हैं, तो विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जा सकती है।
सरकार पहले भी इस तरह की आपात स्थितियों में विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए अभियान चला चुकी है। इसलिए परिवारों को उम्मीद है कि जरूरत पड़ने पर इस बार भी वैसा ही कदम उठाया जाएगा।
मध्य पूर्व में तनाव का वैश्विक असर
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को प्रभावित किया है। इस तनाव का असर न केवल सुरक्षा स्थिति पर पड़ रहा है बल्कि व्यापार, यात्रा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
जल्द सुरक्षित वापसी की उम्मीद
दक्षिण 24 परगना के सागर इलाके के परिवारों की सबसे बड़ी चिंता अपने परिजनों की सुरक्षा है। हालांकि दुबई में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, फिर भी युद्ध जैसी परिस्थितियों में अनिश्चितता बनी रहती है।
परिवारों का कहना है कि वे हर दिन खबरों पर नजर रख रहे हैं और अपने परिजनों से लगातार संपर्क में हैं। उनकी एक ही इच्छा है कि हालात जल्द सामान्य हों और उनके बेटे सुरक्षित घर लौट आएं।
फिलहाल सभी लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं जल्द बहाल होंगी और दुबई में फंसे भारतीयों की घर वापसी का रास्ता खुल जाएगा।