अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब कोलकाता के दैनिक परिवहन पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में ऑटो रिक्शा का किराया अचानक बढ़ने की खबर सामने आई है। यात्रियों का आरोप है कि कई रूटों पर बिना किसी आधिकारिक घोषणा के 3 से 10 रुपये तक किराया बढ़ा दिया गया है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
परिवहन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में ऑटो में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी गैस की कीमत बढ़ गई है। इसके साथ ही कई पंपों पर गैस की उपलब्धता को लेकर भी समस्या बताई जा रही है। ऐसे में ऑटो चालकों का कहना है कि बढ़ते खर्च की वजह से उन्हें किराया बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
शहर के अलग-अलग रूटों से किराया बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। खासकर चिंगड़ीहाटा से सेक्टर-फाइव के एसडीएफ रूट पर यात्रियों से पहले के मुकाबले ज्यादा किराया लिया जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि पहले तय किराया लिया जाता था, लेकिन अब अचानक कुछ रुपये बढ़ाकर किराया वसूला जा रहा है। इसी तरह गड़िया-सोनारपुर, बारुईपुर-दक्षिण बरासत और आसपास के कई अन्य रूटों पर भी किराया बढ़ने की खबर है।
रोजाना सफर करने वाले लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक किराया बढ़ा दिया गया है। कई यात्रियों को ऑटो स्टैंड पर पहुंचने के बाद ही नए किराए की जानकारी मिल रही है। इससे ऑफिस जाने वाले और नियमित रूप से आने-जाने वाले लोगों के खर्च में अचानक बढ़ोतरी हो गई है।
दूसरी ओर ऑटो चालकों का कहना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने से उनका खर्च काफी बढ़ गया है। कई बार गैस लेने के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता है, जिससे काम का समय भी कम हो जाता है। उनका दावा है कि इन परिस्थितियों में पुराने किराए पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है, इसलिए किराया थोड़ा बढ़ाना पड़ा है।
इस स्थिति से आम यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। कई जगहों पर ऑटो की संख्या कम होने के कारण लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। खासकर ऑफिस टाइम में स्थिति और ज्यादा कठिन हो जाती है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ता है। जब ईंधन महंगा होता है तो परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर किराए पर दिखाई देता है।
कुल मिलाकर, कोलकाता में अचानक ऑटो किराया बढ़ने से यात्रियों के बीच नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि किराया तय नियमों के अनुसार ही लिया जाए और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।