कोलकाता | 10 जनवरी 2026:
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस को जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोलकाता पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस घटना के सामने आने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, वहीं कोलकाता स्थित राजभवन और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्यपाल को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें विस्फोट और गंभीर नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट किया गया और जांच शुरू की गई।
धमकी मिलने के तुरंत बाद कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने ई-मेल की तकनीकी जांच शुरू की। आईपी एड्रेस, डिजिटल ट्रेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि धमकी के पीछे उसकी मंशा क्या थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश शामिल है।
घटना के बाद कोलकाता के राजभवन में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है और बिना पहचान पत्र किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “राज्यपाल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।”
इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस तरह की धमकी की कड़ी निंदा की है और दोषी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को धमकी देना लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साइबर सुरक्षा, संवैधानिक संस्थाओं की सुरक्षा और राज्य की कानून व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस आरोपी को जल्द ही अदालत में पेश करेगी। जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि मामले में कोई भी तथ्य सामने आएगा, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।