हुगली:
पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के सामने आने के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और त्वरित जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
परिजनों का आरोप है कि नाबालिग को डराया-धमकाया गया और लंबे समय तक उसका शोषण किया गया। मामला उजागर होते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पीड़िता के परिवार ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग की है।
इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की संलिप्तता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और राज्य में महिलाएं व नाबालिग सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा नेताओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और तेज़ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पार्टी कानून से ऊपर नहीं है। यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्टी ने यह भी दावा किया कि मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
हुगली की इस घटना ने एक बार फिर राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच की प्रगति और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।