केरल के सांस्कृतिक केंद्र त्रिशूर में आज से 64वें केरल राज्य स्कूल कला महोत्सव (कलोत्सवम) की औपचारिक शुरुआत हो गई। राज्य के अलग-अलग जिलों से आए हजारों छात्र-छात्राओं की भागीदारी के साथ यह आयोजन कला, संस्कृति और युवा प्रतिभा का भव्य संगम बन गया है।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव में लगभग 15 हजार से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे हैं। नृत्य, संगीत, नाटक, लोककला, चित्रकला और साहित्य सहित कुल 239 विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। त्रिशूर शहर के कई हिस्सों में 25 से अधिक मंच बनाए गए हैं, जहां एक साथ कार्यक्रम चल रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सहित कई मंत्री और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि केरल की सांस्कृतिक पहचान और भावी पीढ़ी की रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच है।
महोत्सव के चलते पूरा त्रिशूर शहर उत्सव के रंग में डूबा नजर आ रहा है। सड़कों पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज, रंग-बिरंगे परिधानों में सजे छात्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया है। विभिन्न स्कूलों के छात्र अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह रहे हैं।
शिक्षाविदों का मानना है कि कलोत्सवम जैसे आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। कई प्रसिद्ध कलाकारों ने भी अपने करियर की शुरुआत इसी मंच से की थी।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा और स्वयंसेवकों की तैनाती के जरिए महोत्सव को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है।
यह कला महोत्सव आने वाले कई दिनों तक चलेगा और इसके दौरान रोजाना नई प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण आयोजित किए जाएंगे।