दो युवकों की तत्परता से बची नवजात की जान, सिउड़ी के तसरकाटा जंगल से जीवित बरामद

बीड़भूम, सिउड़ी:
मानवता की एक मिसाल सामने आई है बीड़भूम जिले के सिउड़ी में, जहां दो युवकों की तत्परता और साहस से एक नवजात शिशु की जान बच गई। शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सिउड़ी के तसरकाटा जंगल से एक नवजात को जीवित अवस्था में बरामद किया गया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर जंगल के भीतर कुछ स्थानीय लोगों ने एक नवजात शिशु को पड़ा हुआ देखा। पहले तो वे हैरान रह गए, लेकिन देखते ही देखते यह खबर आसपास के इलाकों में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
इसी दौरान सिउड़ी इलाके से पिकनिक मनाने आए कुछ युवकों की नजर नवजात पर पड़ी। उन्होंने देखा कि शिशु के हाथ-पैर हिल रहे हैं और वह अभी जीवित है। बिना समय गंवाए युवकों ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए शिशु को जंगल से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर लाए।
नवजात को सबसे पहले कालीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन शनिवार होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र बंद था। इसके बाद तुरंत शिशु को सिउड़ी सदर अस्पताल स्थानांतरित किया गया। वहां डॉक्टरों ने शिशु की प्राथमिक जांच के बाद उसे एसएनसीयू (बीमार नवजात देखभाल इकाई) में भर्ती किया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, फिलहाल नवजात का इलाज चल रहा है और उसकी हालत पर डॉक्टरों की कड़ी निगरानी है। समय पर बचाव होने के कारण शिशु की जान बच पाई है।
इस घटना को लेकर पूरे इलाके में भारी चर्चा और चिंता का माहौल है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसने और किन परिस्थितियों में नवजात को जंगल में छोड़ दिया। प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाके और अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगालकर शिशु की पहचान और मामले की सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर, सिउड़ी के तसरकाटा जंगल में नवजात के जीवित मिलने की यह घटना समाज के एक कठोर पहलू को उजागर करती है, वहीं दो युवकों की तत्परता और संवेदनशीलता से एक मासूम जान बच जाना मानवता के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है।

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