नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 – राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है। हाल के दिनों में प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन इसके बावजूद शहर की हवा अब भी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बनी हुई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अब भी “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है।
पर्यावरण विभाग के अनुसार, ठंड के मौसम में हवा की गति कम होने, घने कोहरे और धुंध के कारण प्रदूषक तत्व लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं। इसके साथ ही वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का असर दिल्ली की हवा को और अधिक विषैला बना रहा है।
सुबह के समय कई इलाकों में घनी स्मॉग की चादर देखी जा रही है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है। इसका असर सड़क यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है। रोज़मर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोग, खासकर छात्र, बुज़ुर्ग और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी सबसे अधिक परेशान हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है, हृदय रोग का खतरा बढ़ता है और बच्चों व बुज़ुर्गों में सांस संबंधी बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। अस्थमा और सांस की अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है।
दिल्ली सरकार की ओर से बताया गया है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई आपात कदम उठाए गए हैं। इनमें निर्माण कार्यों पर निगरानी, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई और औद्योगिक इकाइयों के लिए सख्त नियम शामिल हैं। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपाय केवल अस्थायी राहत दे सकते हैं और स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक व समन्वित नीति की आवश्यकता है।
राजधानी के निवासियों में इस स्थिति को लेकर नाराज़गी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि हर साल सर्दियों में दिल्ली इसी तरह प्रदूषण की चपेट में आ जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
📌 SeNews दिल्ली के वायु प्रदूषण की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोई नया अपडेट सामने आएगा, पाठकों को तुरंत जानकारी दी जाएगी।