कोलकाता:
कोलकाता मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी है। लगभग पंद्रह साल बाद मेट्रो में रिटर्न टिकट सुविधा फिर से शुरू होने जा रही है। अब यात्रियों को केवल एक बार टिकट खरीदकर जाना और लौटना दोनों सुनिश्चित करने का विकल्प मिलेगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि टिकट काउंटरों पर भीड़ और लाइन में लगने का समय बचेगा।
पुराने नियम और बदलाव की आवश्यकता
2011 में मेट्रो ने पुराने कागज़ स्ट्रीप टिकट सिस्टम को हटाकर टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की थी। इसके चलते रिटर्न टिकट जैसी सुविधा बंद हो गई थी। उस समय से ही यात्रियों को अलग-अलग यात्रा के लिए बार-बार टिकट लेने की परेशानी झेलनी पड़ती थी।
हालांकि अब तकनीक की मदद से नया QR कोड आधारित कागज़ टिकट लागू किया गया है। इस नए सिस्टम के तहत यात्रियों को एक ही टिकट में जाना और लौटना दोनों का विकल्प मिलेगा।
नए रिटर्न टिकट सिस्टम की विशेषताएँ
टिकट काउंटर से QR कोड आधारित टिकट मिलेगा।
इस टिकट से मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकासी दोनों की सुविधा होगी।
यात्रियों को अलग से आने और लौटने के लिए टिकट नहीं खरीदना होगा।
समय की बचत के साथ-साथ काउंटर पर भीड़ कम होगी।
किसे होगा फायदा
यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार होगी, जो स्मार्ट कार्ड या डिजिटल टिकटिंग का उपयोग नहीं करते। दैनिक कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, कॉलेज छात्र और अन्य अवसरिक यात्री अब आसानी से रिटर्न टिकट का लाभ उठा पाएंगे।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्रियों ने इस सुविधा को स्वागत योग्य बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से यह सुविधा बंद होने के कारण उन्हें यात्रा के दौरान असुविधा झेलनी पड़ती थी। अब एक ही टिकट में दोनों दिशाओं का कवर होने से समय की बचत और मानसिक राहत दोनों मिलेगी।
मेट्रो की आधुनिक व्यवस्था
कोलकाता मेट्रो लगातार अपनी सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। QR कोड आधारित टिकटिंग, डिजिटल पेमेंट और रिटर्न टिकट जैसी सुविधाओं से यात्रा और अधिक सुविधाजनक और तेज होगी।
निष्कर्ष
१५ साल बाद रिटर्न टिकट की वापसी यात्रियों के लिए बड़े राहत का संकेत है। अब दैनिक यात्रा सरल और कम समय लेने वाली होगी, और काउंटरों पर भीड़ भी कम होगी। मेट्रो प्रशासन का यह कदम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।