नई दिल्ली/कोलकाता:
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई अचानक मौत से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सवाल भी उठने लगे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
ममता बनर्जी ने कहा कि इतने बड़े और संवेदनशील मामले में केवल सामान्य जांच से सच्चाई सामने आ पाएगी या नहीं, इस पर संदेह है। उन्होंने कहा कि “देश की जनता को सच्चाई जानने का हक है और इसके लिए निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।”
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजित पवार एक निजी छोटे विमान से यात्रा कर रहे थे। पुणे के बारामती क्षेत्र के पास लैंडिंग के दौरान विमान अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। विमान का मलबा बरामद कर लिया गया है और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।
ममता बनर्जी का बयान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा,
“अजित पवार एक अनुभवी और जनप्रिय नेता थे। इस तरह की दुर्घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में लोगों का भरोसा केवल संवैधानिक संस्थाओं पर ही बचा है, इसलिए इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका आवश्यक है।
देशभर से शोक संदेश
अजित पवार की मौत पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्षी दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
वहीं, राजनीतिक हलकों में इस दुर्घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई नेताओं ने कहा है कि इतनी बड़ी घटना की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जांच एजेंसियां सक्रिय
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। ब्लैक बॉक्स को खोजने और तकनीकी आंकड़ों के विश्लेषण की प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम, तकनीकी खराबी और मानवीय त्रुटि—सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
निष्कर्ष
अजित पवार की मृत्यु न केवल एक व्यक्तिगत या राजनीतिक क्षति है, बल्कि यह देश की विमान सुरक्षा और जांच प्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग स्वीकार की जाती है या नहीं।
देश की निगाहें अब इस मामले पर टिकी हुई हैं।