बैरकपुर (पश्चिम बंगाल):
लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम बैठक की। आनंदपुरी मैदान में आयोजित इस कार्यकर्ता सम्मेलन को भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुबह करीब 10:30 बजे न्यू टाउन स्थित होटल से रवाना होकर अमित शाह बैरकपुर पहुंचे। उनके पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। तय समय के अनुसार लगभग 11 बजे उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व, जिला स्तर के पदाधिकारी और विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों के संगठन प्रभारी मौजूद रहे।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने अपने संबोधन में बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने, केंद्र सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने का संदेश दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर संपर्क अभियान तेज करें और विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब दें।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उत्तर 24 परगना जिले की कई सीटें—बैरकपुर, बारासात, बसीरहाट और बनगांव—आगामी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। इसी कारण इस इलाके में संगठनात्मक बैठकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
माटुआ समुदाय पर राजनीतिक नजर
इस कार्यकर्ता सभा को लेकर माटुआ समुदाय पर विशेष फोकस देखा गया। उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में माटुआ समाज का बड़ा वोट बैंक है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर माटुआ समुदाय की भूमिका चुनावी गणित में अहम मानी जाती है।
हालांकि बैठक के बाद किसी ठोस घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह ने अपने भाषण के जरिए माटुआ समुदाय को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि केंद्र सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।
सियासी बयानबाजी भी तेज
अमित शाह के दौरे को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि चुनाव से पहले केंद्रीय नेताओं की लगातार यात्राएं भाजपा की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाती हैं। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में बदलाव की हवा बह रही है और पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।
उत्तर बंगाल की ओर रवाना
बैरकपुर की बैठक के बाद अमित शाह उत्तर बंगाल के लिए रवाना हो गए। बागडोगरा में भी उनकी पार्टी से जुड़ी बैठकें तय हैं, जहां वे उत्तर बंगाल की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेंगे।
कुल मिलाकर, बैरकपुर में हुई यह कार्यकर्ता सभा साफ संकेत देती है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह आक्रामक रणनीति अपना रही है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक गरमाने के आसार हैं।