माध्यमिक परीक्षा 2026 के बीच पूर्व बर्धमान में परीक्षा केंद्र पर SI पर हमला, शिक्षकों-स्टाफ पर आरोप, तनाव फैलने का मामला

पूर्व बर्धमान (पश्चिम बंगाल):
माध्यमिक परीक्षा 2026 के दौरान एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) पर कथित तौर पर कुछ शिक्षकों और ग्रुप-D स्टाफ ने हमला किया। घटना उस समय घटित हुई जब परीक्षा केंद्र पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत अधिकारी ने कथित उल्लंघन की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया। इस हमले के बाद केंद्र में तनाव व्याप्त हो गया और मामला पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।

घटना कैसे घटी?

पुलिस और परीक्षा अधिकारियों के अनुसार, पूर्व बर्धमान जिले के एक विद्यालय में मंगलवार को माध्यमिक परीक्षा चल रही थी। परीक्षा केंद्र की निगरानी कर रहे SI ने देखा कि वहाँ कुछ शिक्षकों और ग्रुप-D कर्मचारी परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन लाए हुए थे, जो बोर्ड के नियमों के खिलाफ है।

परीक्षा संचालन नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के पास मोबाइल फोन रखना सख्त वर्जित है, क्योंकि इससे परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। शिकायत मिलने पर SI ने उक्त व्यक्ति के पास से मोबाइल फोन जब्त करने की कोशिश की, तभी वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।

विवाद बढ़ा और बदल गया हिंसा में

मोबाइल फोन जब्त करने के दौरान शिक्षक और ग्रुप-D स्टाफ ने SI से बहस शुरू कर दी। कथित रूप से बहस जल्द ही तूल पकड़ लेती है और विवाद शारीरिक संघर्ष का रूप ले लेता है। आरोप है कि इस दौरान SI पर कई बार हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गए।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस और परीक्षा अधिकारी SI को सुरक्षित स्थान पर ले गए और उन्हें नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के दौरान अस्पताल ने बताया कि चोटें गंभीर तो नहीं हैं, मगर SI की स्थिति अभी निगरानी में है।

मोबाइल फोन विवाद क्यों बढ़ा इतना?

पश्चिम बंगाल मध्यशिक्षा परिषद (WBBSE) ने परीक्षा पर्यवेक्षकों तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि केंद्र के भीतर किसी भी व्यक्ति के पास मोबाइल फोन नहीं होना चाहिए। यह नियम परीक्षार्थियों तथा परीक्षा संचालन की निष्पक्षता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

SI ने जब नियम उल्लंघन को रोकने की कोशिश की, तब शिक्षक-स्टाफ ने इसे सहयोगहीनता के रूप में लिया और मामला तनावपूर्ण रूप ले लिया। शिक्षकों का कहना था कि मोबाइल फोन केवल अल्पकालिक उपयोग के लिए था और इसे गलत ढंग से जब्त किया गया। वहीं अधिकारियों का कहना रहा कि नियम निर्देशों में स्पष्ट है, इसलिए कार्रवाई ज़रूरी थी।

विद्यालय प्रशासन और शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया

हालांकि कुछ शिक्षकों ने SI के मोबाइल जब्त करने के निर्णय पर प्रश्न उठाए, लेकिन शिक्षा पर्यवेक्षकों तथा अभिभावकों ने स्पष्ट कहा कि नियमों का पालन करना आवश्यक है। किसी भी परीक्षा केंद्र पर अनुशासनहीनता और नियम उल्लंघन सहन नहीं किया जाना चाहिए।

एक स्थानीय अभिभावक ने कहा, “परीक्षा के समय किसी भी माध्यमिक नियम का उल्लंघन छात्रों के लिए अनुचित माहौल बना सकता है। हमें शांतिपूर्वक नियमों का पालन करना चाहिए।”

मध्यशिक्षा परिषद का बयान

घटना के बाद पश्चिम बंगाल मध्यशिक्षा परिषद (WBBSE) ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी अधिकारी, पर्यवेक्षक या निरीक्षक पर हमला बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। परिषद ने कहा है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “छात्रों की सुरक्षा और परीक्षा का शांतिपूर्ण संचालन हमारी प्राथमिकता है। ऐसे किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो परीक्षा की गरिमा को प्रभावित करे।”

पुलिस जांच जारी

इस हमले के मामले में पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी परीक्षा केन्द्र के सीसीटीवी फुटेज और उपस्थित लोगों के बयानों की समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति इस घटना में संलिप्त पाया जाता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस पूछताछ जारी रखे हुए है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

स्कूल परीक्षार्थी और उनके अभिभावक इस घटना को लेकर चिंतित हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा के समय इस तरह की घटनाएँ छात्रों को मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रशासकीय तंत्र से शांतिपूर्ण वातावरण और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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