पश्चिम बंगाल का अंतरिम बजट 2026 आज पेश, लक्ष्मी भंडार से लेकर सामाजिक योजनाओं पर टिकी निगाहें

कोलकाता, न्यूज़ डेस्क:
पश्चिम बंगाल सरकार आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का अंतरिम बजट पेश करने जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले पेश होने वाला यह बजट राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश किया जाने वाला यह बजट ‘वोट ऑन अकाउंट’ के रूप में होगा।

चूंकि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए सरकार पूर्ण बजट की बजाय अंतरिम बजट पेश कर रही है। हालांकि, इसके बावजूद इस बजट से राज्य सरकार की प्राथमिकताएं, जनकल्याणकारी योजनाओं की दिशा और आगामी महीनों की वित्तीय नीति को लेकर अहम संकेत मिलने की उम्मीद है।

क्या होता है अंतरिम बजट?

अंतरिम बजट या ‘वोट ऑन अकाउंट’ वह वित्तीय व्यवस्था है, जिसके जरिए सरकार चुनाव तक के लिए आवश्यक खर्चों की अनुमति लेती है। इसमें लंबे समय की नई नीतियों या बड़े कर सुधारों की घोषणा आमतौर पर नहीं की जाती, लेकिन प्रशासनिक कामकाज और चल रही योजनाओं को जारी रखने के लिए धन का प्रावधान किया जाता है।

लक्ष्मी भंडार योजना पर सबकी नजर

इस अंतरिम बजट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना मानी जा रही है। यह योजना राज्य की महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करती है और करोड़ों परिवारों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। ऐसे में बजट में इस योजना की राशि बढ़ाई जाती है या नहीं, इस पर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक की नजरें टिकी हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले यदि लक्ष्मी भंडार में कोई सकारात्मक बदलाव होता है, तो उसका सीधा असर मतदाताओं पर पड़ सकता है।

सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें

राज्य के सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी भी इस बजट से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं। विशेष रूप से महंगाई भत्ता (DA) को लेकर किसी तरह की घोषणा होती है या नहीं, इस पर चर्चा तेज है। हालांकि अंतरिम बजट होने के कारण बड़े फैसलों की संभावना कम मानी जा रही है, फिर भी सरकार कुछ संकेत दे सकती है।

किन क्षेत्रों को मिल सकती है प्राथमिकता?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस अंतरिम बजट में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है—

सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र

ग्रामीण विकास और रोजगार कार्यक्रम

कृषि और किसान सहायता योजनाएं

पहले से चल रही योजनाओं के लिए बजट निरंतरता

बड़े नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा भले ही न हो, लेकिन मौजूदा योजनाओं को मजबूती देने पर जोर दिया जा सकता है।

राजनीतिक दृष्टिकोण से बजट का महत्व

विधानसभा चुनाव से पहले यह अंतरिम बजट सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक दस्तावेज भी माना जा रहा है। इसके जरिए सत्तारूढ़ दल जनता के सामने अपनी उपलब्धियों और कल्याणकारी नीतियों को रखने की कोशिश करेगा। वहीं, विपक्षी दल बजट के हर पहलू की समीक्षा कर सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं।

आगे क्या होगा?

अंतरिम बजट पेश होने के बाद विधानसभा में इस पर चर्चा होगी और आवश्यक खर्चों की स्वीकृति दी जाएगी। चुनाव के बाद नई सरकार के गठन पर पूर्ण बजट पेश किया जा सकता है, जिसमें दीर्घकालिक आर्थिक नीतियों और योजनाओं की रूपरेखा तय होगी।

कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल का यह अंतरिम बजट न केवल प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले राज्य की राजनीति और आर्थिक दिशा को भी स्पष्ट संकेत देगा।

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