आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत ने कभी भी पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार नहीं किया और टीम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पिछले कुछ दिनों से यह अटकलें तेज़ थीं कि भारत-पाकिस्तान मैच राजनीतिक कारणों से रद्द हो सकता है। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सूर्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि भारत की ओर से किसी तरह का बहिष्कार या आपत्ति नहीं है।
“हमारी तरफ से कोई इनकार नहीं”
एक बातचीत में सूर्यकुमार यादव ने कहा,
“हमने कभी नहीं कहा कि हम मैच नहीं खेलेंगे। हमारी तरफ से सब कुछ साफ है। हम खेलने के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि भारतीय टीम का यात्रा कार्यक्रम भी तय है और टीम कोलंबो जाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जहां यह मुकाबला आयोजित होना है।
“हमारी फ्लाइट बुक है, शेड्यूल तय है। अगर मैच होगा तो भारतीय टीम मैदान पर मौजूद होगी।”
विवाद की जड़ क्या है?
दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ मैच खेलने को लेकर आपत्ति जताई थी। बाद में इस फैसले को पाकिस्तान सरकार का समर्थन भी मिला। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि यह निर्णय क्रिकेटरों का नहीं बल्कि सरकारी स्तर पर लिया गया फैसला है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या भारत भी इस मैच से पीछे हट रहा है। अब सूर्यकुमार यादव के बयान से तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
क्रिकेट से बड़ा राजनीति का असर?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट इवेंट होता है। इस मैच से आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और क्रिकेट बोर्ड्स को भारी राजस्व मिलता है और करोड़ों दर्शक इसे देखते हैं।
ऐसे में अगर यह मुकाबला नहीं होता है तो इसका असर पूरे टूर्नामेंट की लोकप्रियता पर पड़ सकता है।
मैच नहीं हुआ तो क्या होगा?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, अगर कोई टीम तय समय पर मैदान पर नहीं उतरती है तो विरोधी टीम को वॉकओवर दिया जा सकता है। यानी पाकिस्तान अगर मैच नहीं खेलता है तो भारत को बिना खेले ही अंक मिल सकते हैं।
हालांकि, आईसीसी अभी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और अंतिम फैसला बाकी है।
निष्कर्ष
सूर्यकुमार यादव के बयान से यह साफ हो गया है कि
भारत क्रिकेट खेलना चाहता है, विवाद नहीं।
अब सभी की निगाहें पाकिस्तान के अगले कदम और आईसीसी के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टी20 विश्व कप में दुनिया का सबसे बड़ा मुकाबला मैदान पर होगा या राजनीति एक बार फिर खेल पर भारी पड़ेगी।