नई दिल्ली/कोलकाता:
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का विशेष महत्व माना जाता है और जब दो प्रभावशाली ग्रह एक साथ आते हैं, तो उसका असर व्यापक रूप से देखने को मिलता है। वर्तमान समय में सूर्य और बुध के संयोग से एक विशेष और शुभ योग बन रहा है, जिसे बुधादित्य योग कहा जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग अत्यंत फलदायी होता है और इसके प्रभाव से पांच राशियों के जातकों का भाग्य चमक सकता है।
सूर्य को आत्मविश्वास, सत्ता, नेतृत्व और मान-सम्मान का प्रतीक माना जाता है, वहीं बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणना और निर्णय क्षमता का कारक ग्रह है। जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि में एक साथ स्थित होते हैं, तो बुधादित्य योग का निर्माण होता है। यह योग व्यक्ति को तेज बुद्धि, सही फैसले लेने की क्षमता और सामाजिक पहचान दिलाने में सहायक माना जाता है।
ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इस योग के प्रभाव से खासतौर पर पांच राशियों के जातकों को करियर में तरक्की, नई जिम्मेदारियां और आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति या वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं, जबकि व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और लाभदायक समझौते मिल सकते हैं।
आर्थिक दृष्टि से भी यह समय अनुकूल बताया जा रहा है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है, आय के नए स्रोत बन सकते हैं और बचत में वृद्धि होने के संकेत हैं। कुछ लोगों को अचानक धन लाभ या निवेश से फायदा भी हो सकता है।
सिर्फ पेशेवर जीवन ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ने के कारण लोग अपनी बात मजबूती से रख पाएंगे, जिससे रिश्तों में स्पष्टता और संतुलन आएगा। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि और प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनने के योग भी बताए जा रहे हैं।
हालांकि, ज्योतिषाचार्य यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी शुभ योग का पूरा लाभ तभी मिलता है जब व्यक्ति अपने कर्म और प्रयासों पर भी ध्यान दे। अवसर सामने आएंगे, लेकिन उन्हें पहचानकर सही दिशा में कदम बढ़ाना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, बुधादित्य योग को आने वाले समय के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कई लोगों के जीवन में यह योग नई संभावनाएं, सफलता और स्थिरता लेकर आ सकता है। अब देखना यह है कि किन राशियों के लिए यह समय सबसे ज्यादा शुभ साबित होता है।