नई दिल्ली — देशभर में गर्मी का मौसम करीब आता ही लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या 2026 की गर्मी पिछले वर्षों जैसा चरम तेज़ होगा? मौसम विशेषज्ञों की नई भविष्यवाणी में कहा गया है कि इस साल की गर्मी सामान्य औसत से थोड़ी अधिक रहने की संभावना है, लेकिन यह अत्यधिक गर्मी या घातक तापमान जैसे हालात उत्पन्न नहीं करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस साल मार्च के बाद तापमान में क्रमिक वृद्धि देखी जाएगी। अप्रैल और मई में अधिकतम तापमान सामान्य औसत से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जाने की संभवना है। इसके बावजूद यह वृद्धि पिछले कुछ सालों में देखे गए भीषण ‘हीट वेव’ जैसा तीव्र नहीं होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्यों हो सकती है गर्मी सामान्य से अधिक?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मान रिपोर्टों के थोड़े ऊपर रहने के पीछे मुख्य कारण है:
मौसमी बारिश की अपेक्षा से कम मात्रा,
शुष्क वातावरण का अधिक प्रभाव,
पश्चिमी हवाओं का कमजोर असर।
इन कारणों से वायुमंडलीय परिस्थितियाँ तापमान को सामान्य से ऊपर धकेल सकती हैं। हालांकि समुद्री प्रभाव और कुछ स्थानों पर बूँदाबांदी मौसम को संतुलित रखने में मदद कर सकती है।
देश के किन हिस्सों में असर?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तरी और मध्य भारत में तापमान में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि देखी जा सकती है। वहीं, दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में समुद्री हवाओं तथा स्थानीय परिस्थितियों के कारण तापमान थोड़ा नियंत्रित रह सकता है।
शहरों में ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ की वजह से तापमान ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक महसूस हो सकता है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को सावधान रहने और हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
क्या होगी हीट वेव की परिस्थितियाँ?
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कहीं-कहीं एक-दो दिन के लिए हीट वेव जैसे हालात बन सकते हैं, लेकिन यह दीर्घकालीन, खूंखार और जानलेवा लहरों के रूप में देखने को नहीं मिलेगा। लंबी अवधि तक चलने वाली भीषण गर्मी की भविष्यवाणी फिलहाल नहीं की गई है।
स्वास्थ्य के लिए चेतावनी
चिकित्सा विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे गर्मी के मौसम की तैयारी पहले से ही शुरू कर दें:
दिन के तेज़ धूप में बाहर निकलने से बचें,
पर्याप्त पानी पिएँ और खुद को हाइड्रेटेड रखें,
हल्का, खुला और आरामदायक कपड़ा पहनें,
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर विशेष ध्यान रखें।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के बढ़ने पर डिहाइड्रेशन, गर्मी से होने वाली बीमारी और थकान जैसी समस्याएँ अधिक सामान्य हो सकती हैं, इसलिए सावधानी बेहद आवश्यक है।
प्रशासन और तैयारी
स्थानीय प्रशासन ने भी गर्मी के दौरान संभावित परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयारियाँ तेज कर दी हैं। अस्पतालों को चेतावनी दी गयी है, और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों को फैलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसमी संकेत सामान्य से ऊपर तापमान दर्शा रहे हैं, लेकिन यह किसी भी तरह का चरम या अत्यधिक लोकप्रिय ‘हीट वेव’ का संकेत नहीं देते। मौसम विभाग नियमित अंतराल पर ताज़ा पूर्वानुमान जारी करता रहेगा, ताकि नागरिक और प्रशासन दोनों समय रहते तैयार रह सकें।
गर्मी शुरू होने से पहले ही इस प्रकारের पूर्वानुमान लोगों के लिए न केवल सावधानी का संदेश देता है, बल्कि भविष्य की तैयारियों के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करता है |