पश्चिम बंगाल के Kolkata के न्यूटाउन इलाके में रविवार रात तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली जब मेट्रो निर्माण साइट के पास दो श्रमिक समूहों के बीच भिड़ंत हिंसक संघर्ष में बदल गई। विवाद के दौरान आग लगने से कम से कम 10 अस्थायी झोपड़ियाँ पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं और कई श्रमिक घायल हो गए।
घटना रात के समय न्यूটाउन के कदमपुकुर क्षेत्र में हुई। स्थानीय पुलिस और दुर्घटना के मौक़े पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, दो अलग-अलग ठेकेदारों के श्रमिकों के बीच किसी राजनैतिक या व्यक्तिगत मतभेद को लेकर शुरू हुई वाद-विवाद अचानक बढ़ते हुए हाथापाई तथा मारपीट में बदल गई। बताया जाता है कि कई लोग मद्यमस्त अवस्था में थे और इसी वजह से विवाद और हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया।
घटना स्थल पर मौजूद eyewitness के अनुसार, झगड़े के दौरान कुछ लोगों ने गैस सिलेंडर और दाहक वस्तुओं का उपयोग कर आग लगाने की कोशिश की। देखते ही देखते आग फैल गई और मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए टिन के अस्थायी झोपड़ियाँ जर्जर हालात में जलकर नष्ट हो गईं। मौके पर लगी आग काफी समय तक भयंकर रूप में रही, जिससे आसपास के इलाकों में हड़कंप फैल गया।
दमकल विभाग को सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और पुलिस के सहयोग से लगभग एक घंटे की कठिन मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में कई श्रमिक घायल हुए हैं, जिनमें से 6–7 लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय पुलिस सूत्रों ने बताया कि विवाद के समय कुछ श्रमिकों ने लोहे के रड और बेंत से भी हमले किए। इससे कई लोगों को चोटें आईं और कुछ को सिर तथा शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और विवादित श्रमिकों में से कुछ को हिरासत में भी लिया है।
स्थानीय श्रमिकों ने बताया कि घटना से पहले एक श्रमिक समुदाय पार्टी कर रहा था और उसी समय दूसरा समूह बीच-বचाव করতে पहुंचा। तभी अनबन बढ़ी और हालात बिगड़ने लगे। एक घायल श्रमिक ने कहा कि “उनके ऊपर अचानक हमला हुआ और झोपड़ियाँ जलाकर पूरी बस्ती को खतरे में डाल दिया गया।”
न्यूटाउन में यह मेट्रो निर्माण परियोजना एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवसंरचना परियोजना है और ऐसे समय पर इस तरह की हिंसा और आग लगने की घटना से परियोजना के कार्यों पर भी असर पड़ेगा। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
घटना के चलते श्रमिकों और स्थानीय निवासियों में गहरा घबराहट और चिंता फैली हुई है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई जारी रखने का निर्णय लिया है।