दक्षिण 24 परगना के भांगड़ क्षेत्र में एक भयानक हादसा सामने आया है, जहाँ सड़क किनारे पड़े एक रासायनिक भरे ड्रम में अचानक विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में चार नाबालिग बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि अन्य की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
घटना मंगलवार दोपहर को भांगड़ के खड़गाछी-चांदपुर रोड़ के पास हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के पास रखे एक बड़े ड्रम में अचानक जब एक तेज धमाका हुआ, तो आसपास खेल रहे बच्चे आग की लपटों में घिर गए। देखते ही देखते आग फैल गई और बच्चों के शरीर पर भयंकर जलन फैलने लगी।
घटनास्थल पर ही मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चों को मदद के लिए उठाया और प्राथमिक इलाज के लिए स्थानीय हेल्थ सेंटर पहुंचाया। किन्तु गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने सभी बच्चों को आगे इलाज के लिए कोलकाता के एमआर बांगुर अस्पताल रेफर कर दिया।
अस्पताल में भर्ती चारों में से सबसे छोटा सादिकुल (4 वर्ष) लड़का अत्यधिक गंभीर अवस्था में था। उसके शरीर का लगभग ९५ प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। लगातार इलाज के बावजूद बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई, जिससे घटना और भी दुखद हो गई।
बचे अन्य तीन बच्चों में से दो की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार एक बच्चे के शरीर का करीब ५०-५५ प्रतिशत भाग झुलसा है, जबकि तीसरे बच्चे को अपेक्षाकृत कम जलन है। सभी बच्चों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
स्थानीय निवासी इस हादसे को गंभीर सुरक्षा लापरवाही बता रहे हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य के लिए उपयोग किए जाने वाले भारी-भरकम उपकरणों तथा रसायनों को खुले में बिना सील या रोक-टोक के रखा जाता रहा है। बच्चों का उस इलाके में खेलना आम बात है, बावजूद इसके यह ड्रम खुले में पड़ा था, जिसने बड़ी त्रासदी को जन्म दिया।
पुलिस और प्रशासन ने दुर्घटना के बाद तुरंत क्षेत्र को सील कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि उस ड्रम में वास्तव में क्या प्रदार्थ था, और वह कैसे विस्फोटित हुआ। 初步 जांच में यह भी देखने की कोशिश की जा रही है कि कहीं निर्माण श्रमिकों या किसी एजेंसी द्वारा वह ड्रम असुरक्षित रूप से वहीं छोड़ा गया तो नहीं था।
इस हादसे ने स्थानीय लोगों में भारी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। कई लोग प्रशासन से पूछ रहे हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर भरे हुए केमिकल ड्रम को बिना किसी सुरक्षा इंतज़ाम के क्यों रखा गया, जब वहां बच्चों का आवागमन रहता है।
प्रशासन ने हालांकि कहा है कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आगे ऐसी किसी लापरवाही को दोबारा नहीं होने दिया जाएगा।
यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी और जिम्मेदारियों की अनदेखी का एक गंभीर उदाहरण भी बन गया है। यह दुर्घटना याद दिलाती है कि उचित सुरक्षा उपाय और सतर्कता ही ऐसे भयावह परिणामों को टालने में सक्षम हैं।