वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध संचालन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें 10 में से अंक देने हों तो वे इस सैन्य अभियान को “15” अंक देंगे। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “बेहद मजबूत स्थिति” में है और उसकी सैन्य रणनीति सफल साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य संरचना और मिसाइल क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संघर्ष कब और कैसे समाप्त होगा।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
दोनों देशों के बीच तनाव पिछले कुछ समय से बढ़ रहा था, लेकिन हालिया हवाई हमलों और मिसाइल हमलों के बाद स्थिति युद्ध जैसे हालात में बदल गई। अमेरिकी रक्षा सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई “राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा” के लिए की गई है। वहीं ईरान ने इसे “आक्रामकता” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हताहतों की संख्या
आधिकारिक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक कम से कम 6 अमेरिकी नागरिकों/सैनिकों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर ईरानी मीडिया और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, 1000 से अधिक ईरानी नागरिकों और सैनिकों के मारे जाने की खबर है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन है, लेकिन दोनों पक्षों में भारी क्षति की बात सामने आ रही है।
संघर्ष प्रभावित इलाकों में अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है और कई स्थानों पर नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल वार्ता शुरू करने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक पहल नहीं हुई तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकता है। तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
आगे की राह
फिलहाल दोनों देश अपने-अपने रुख पर कायम हैं। अमेरिका ने संकेत दिया है कि सैन्य अभियान स्थिति के अनुसार जारी रहेगा, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
स्थिति लगातार बदल रही है और नई जानकारी सामने आने के साथ घटनाक्रम में और तेजी आ सकती है।