ओडिशा के कटक से देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। एक बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में अचानक आग लगने से कई मरीजों की मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब गंभीर हालत में कई मरीज ICU में इलाज करा रहे थे।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच ट्रॉमा केयर यूनिट के एक हिस्से से अचानक धुआं निकलता हुआ देखा गया। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी और ICU के अंदर मौजूद कई मेडिकल उपकरण और बिजली के तार इसकी चपेट में आ गए।
ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास शुरू किया। कई मरीज उस समय ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जिससे उन्हें दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना काफी मुश्किल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक कई मरीजों की जान जा चुकी थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई मरीजों की मौत दम घुटने या धुएं के कारण हुई।
इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों के परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचने लगे और अपने प्रियजनों की खबर जानने की कोशिश करते रहे।
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य प्रशासन हरकत में आ गया। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग किसी बिजली की खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने के सही कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ICU और ट्रॉमा केयर यूनिट जैसे स्थानों पर कई उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ऑक्सीजन सिस्टम होते हैं। इसलिए ऐसे स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत होना जरूरी है।
यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।