पश्चिम बंगाल में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी के बीच अब कालबैशाखी के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि एक साथ कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय होने के कारण आने वाले दिनों में तेज़ आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।
दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में आसमान में घने बादल छा रहे हैं और कई जगहों पर तेज़ हवा के साथ बारिश की शुरुआत भी हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वातावरण में अधिक नमी और अलग-अलग दिशाओं से आने वाली हवाओं के टकराव के कारण यह स्थिति बन रही है, जिससे कालबैशाखी जैसे तूफानों की तीव्रता बढ़ रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, झोंकेदार हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न जाने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मौसम का असर कृषि पर भी पड़ सकता है। तेज़ हवा और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर कालबैशाखी अप्रैल और मई में ज्यादा सक्रिय होती है, लेकिन इस बार मार्च में ही इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है, जो बदलते मौसम के संकेत दे रहा है।
कुल मिलाकर, राज्य में मौसम की स्थिति फिलहाल अस्थिर बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर जरूरी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।