पश्चिम बंगाल से एक दुखद खबर सामने आई है। एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन के पिता पंचानन बर्मन का निधन हो गया है। लंबे समय से बीमार चल रहे पंचानन बर्मन ने आखिरकार शिलिगुड़ी के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रही थी। परिवार की ओर से उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए थी। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
यह खबर सामने आते ही पूरे उत्तर बंगाल में शोक की लहर दौड़ गई है। स्वप्ना बर्मन के परिवार के लिए यह एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है। खास बात यह है कि स्वप्ना बर्मन की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
पंचानन बर्मन ने बेहद साधारण जीवन जीते हुए अपनी बेटी के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने स्वप्ना को खेल की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग दिया। यही कारण है कि जब स्वप्ना बर्मन ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता, तो उस जीत के पीछे उनके पिता के संघर्ष और त्याग की कहानी भी जुड़ी हुई थी।
इस दुखद घटना का असर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में स्वप्ना बर्मन ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है और चुनावी मैदान में उतरी हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में उनके पिता का निधन उनके लिए एक भावनात्मक झटका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचानन बर्मन एक बेहद मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और हर कठिन परिस्थिति में उसका साथ दिया।
क्रीड़ा जगत से भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया गया है। कई खिलाड़ियों और संगठनों ने स्वप्ना बर्मन के प्रति संवेदना जताई है और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है।
फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस कठिन समय में स्वप्ना बर्मन और उनके परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि किसी भी सफलता के पीछे परिवार का योगदान कितना महत्वपूर्ण होता है। आज स्वप्ना बर्मन ने सिर्फ अपने पिता को नहीं खोया, बल्कि अपने जीवन के सबसे बड़े सहारे को भी खो दिया है।
कैमरा पर्सन के साथ, यह रिपोर्ट।