महानगर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच कभी-कभी ऐसी खामोशी भी छिपी होती है, जो एक दिन अचानक टूटकर एक भयावह सच्चाई को सामने ले आती है। दक्षिण कोलकाता के जेम्स लॉन्ग सरणी इलाके में घटी एक घटना ने ठीक ऐसा ही दृश्य पेश किया, जहां एक बंद फ्लैट से उठती बदबू ने एक रहस्यमयी मौत का पर्दाफाश कर दिया।
मंगलवार की रात करीब 10 बजे, इलाके के एक निवासी को अपने पड़ोस के फ्लैट से तेज दुर्गंध महसूस हुई। शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, बदबू असहनीय होती चली गई। संदेह होने पर उन्होंने अन्य पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। सभी ने मिलकर फ्लैट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए—कमरे के भीतर एक महिला का सड़ा-गला शव पड़ा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान बुला चक्रवर्ती (लगभग 60 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह इस फ्लैट में अकेली रहती थीं। शव की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक अनुमान है कि उनकी मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। हालांकि, मौत का सही समय और कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुला चक्रवर्ती काफी शांत और एकाकी स्वभाव की थीं। उनका किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं था और न ही उनके घर पर किसी का नियमित आना-जाना होता था। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें देखा नहीं गया था, लेकिन किसी ने विशेष ध्यान नहीं दिया। शहर की व्यस्त जिंदगी और सामाजिक दूरी कहीं न कहीं इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है—ऐसी चर्चा अब इलाके में हो रही है।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। कई लोग इस मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी आपराधिक गतिविधि की पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फ्लैट के अंदर से कोई संदिग्ध वस्तु मिली है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह मामला रहस्य से घिरा हुआ है।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पड़ोसियों के साथ नियमित संपर्क नहीं हो, तो ऐसी घटनाएं लंबे समय तक अनदेखी रह सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समाज को इस दिशा में अधिक जागरूक और संवेदनशील होने की जरूरत है।
पुलिस मृतका के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। उनके परिवार के सदस्य कहां रहते हैं और उनसे आखिरी बार कब संपर्क हुआ था, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार की जानकारी इस जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल जांच जारी है और इलाके के लोग इस घटना के सच सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि भीड़भाड़ वाले शहर में भी कई लोग कितनी तन्हाई में जिंदगी जी रहे हैं।
अब सबकी नजरें पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह सिर्फ एक सामान्य मौत है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है—इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में ही मिल पाएगा।