संवाददाता:
सीपीएम की ‘बंगाल बचाओ यात्रा’ मंगलवार को मयनागुड़ी से होते हुए राजगंज और फूलबाड़ी पहुँची। यात्रा के दौरान सेलीम, मीनाक्षी मुखोपाध्याय और अन्य पार्टी नेताओं के साथ बड़ी संख्या में लोग जुड़े। रास्ते में कई स्थानों पर सभाएँ और मार्च आयोजित हुआ, जहाँ राज्य सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज किया गया। मुख्य मुद्दा था SIR (Special Investment Region) परियोजना का विरोध।
पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि SIR परियोजना के नाम पर सरकार “लूट की राजनीति” चला रही है। आरोप यह भी लगा कि कृषि भूमि और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी करते हुए उद्योग के नाम पर जबरदस्ती योजनाएँ थोपी जा रही हैं।
अपने संबोधन में मीनाक्षी मुखोपाध्याय ने सरकार पर सीधे निशाना साधते हुए कहा—
“राज्य सरकार अब राज्य को संभालने में सक्षम नहीं रह गई है। लोगों के करीब आने की कोशिश करते–करते उनसे और दूर हो गई है। यह सरकार वापस नहीं आएगी। जनता इस बार सरकार को यह स्पष्ट संदेश देगी कि असली शक्ति उन्हीं के पास है।”
सेलीम ने भी राज्य की आर्थिक नीतियों और सरकारी परियोजनाओं की कठोर आलोचना की। उनका कहना था कि “विकास” अब सिर्फ सरकारी प्रचार का शब्द बनकर रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर लोग और भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
यात्रा के दौरान भारी भीड़ और उत्साह देखकर सीपीएम कार्यकर्ताओं में नया जोश দেখা গেছে। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि जनता बदलाव के लिए तैयार है और यह यात्रा पूरे राज्य में वही संदेश फैलाएगी।