समाचार रिपोर्ट:
संवाददाता:
मालबाज़ार में रात होते ही डंपरों के बेधड़क और अनियंत्रित आवागमन से स्थानीय लोग काफी परेशान। दिन पर दिन बढ़ते इस अत्याचार से बुज़ुर्ग और बच्चे सबसे अधिक मुश्किलের सामना कर रहे हैं। लोगों का कहना है—
“शाम होते ही बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। डंपरों की रफ्तार और शोर इतना खतरناک है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।”
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। उल्टा, डंपरों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। लोगों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की शह पर ही रात के अंधेरे में डंपरों का दबदबा बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया—
“शाम के समय बिजली चली जाए तो परेशानी और बढ़ जाती है। अंधेरे में हालात भयावह हो जाते हैं। प्रशासन को कई बार बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
लगातार बढ़ती समस्या से त्रस्त मालबाज़ार के निवासी अब अंतिम कदम उठाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है—
“अगर प्रशासन ने अब भी कार्रवाई नहीं की, तो हम खुद सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”
मालबाज़ार में डंपरों के प्रति लोगों का यह बढ़ता आक्रोश प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।