पिछले 37 वर्षों में यह जॉर्डन की उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जिसे भारत-जॉर्डन संबंधों के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने, पश्चिम एशिया की मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। सुरक्षा सहयोग और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने को लेकर भी दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
बैठक के दौरान भारत और जॉर्डन के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया गया। दोनों नेताओं ने भविष्य में राजनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए। इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिलने की उम्मीद है।