शिलिगुड़ी: शिलिगुड़ी की वरिष्ठ महिला पार्षद श्राबणी दत्त ने एक बार फिर अपनी सादगी और मानवीय सोच से लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने बुजुर्ग नागरिकों को कार्यालय बुलाने के बजाय स्वयं उनके घर जाकर सम्मानित करने की अनूठी पहल की है, जिसकी स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है।
श्राबणी दत्त ने बताया कि वह हमेशा से सरल जीवन जीने में विश्वास रखती हैं। पार्षद बनने से पहले भी उनका जीवन ऐसा ही था और आज भी वही है। उन्होंने कहा, “मैं मन से मानती हूं कि साधारण जीवन ही सबसे बड़ा गुण है। तरक्की करना गलत नहीं है, लेकिन उसमें अहंकार नहीं होना चाहिए। पिछले दस वर्षों से मैं इसी सोच के साथ काम कर रही हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि वार्ड के लोगों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। बुजुर्गों के सम्मान को लेकर उन्होंने एक अलग सोच अपनाई। उनका कहना है कि बढ़ती उम्र के कारण कई बुजुर्ग ठीक से चल-फिर नहीं पाते, ऐसे में उन्हें कार्यालय बुलाकर लंबे समय तक बैठाना उचित नहीं है। इसी वजह से उन्होंने घर-घर जाकर सम्मान देने का निर्णय लिया।
अपने निर्णय को अमल में लाते हुए श्राबणी दत्त ने वार्ड के विभिन्न इलाकों में जाकर 10 बुजुर्ग नागरिकों को उनके घर पर ही सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
पार्षद श्राबणी दत्त ने यह भी बताया कि भविष्य में वह और अधिक लोगों तक पहुंचकर इसी तरह उनका सम्मान करेंगी। उनकी इस पहल को संवेदनशील प्रशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।