शिलिगुड़ी: जिला अस्पताल के ठीक सामने होने के बावजूद शोर प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शिलिगुड़ी जिला अस्पताल के सामने की सड़क शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। नियमों के अनुसार इस इलाके में तेज़ हॉर्न बजाना तो दूर, किसी भी तरह का शोर करना निषिद्ध है। इसके बावजूद प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम अनदेखी करते हुए दिनभर तरह-तरह के वाहन यहां से गुजरते रहते हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां भर्ती रहते हैं या इलाज के लिए आते हैं। तेज़ आवाज़ और लगातार हॉर्न बजने से मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि मेयर ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी, फिर भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
अस्पताल में मौजूद मरीजों के रिश्तेदारों ने बताया कि तेज़ शोर कई बार बुजुर्ग मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इस स्थिति को लेकर वे खुद भी बेहद चिंतित हैं।
इस बीच खबर है कि शिलिगुड़ी के जागरूक नागरिक समाज इस गंभीर मुद्दे पर कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। लोगों का मानना है कि यदि जल्द ही प्रशासन और ट्रैफिक विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में नागरिक आंदोलन की राह भी अपनाई जा सकती है।