बीरभूम: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक अहम दिन है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी आज बीरभूम जिले में एक बड़ी राजनीतिक सभा को संबोधित कर रहे हैं। इस सभा का मुख्य फोकस स्थानीय निवासी सुनाली खातून के ‘पुशबैक’ मामले पर है, जिसने हाल के दिनों में राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी इस मंच से आम नागरिकों के अधिकार, मानवीय मूल्यों और सीमा से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर गंभीर सवाल उठाएंगे। उनका आरोप है कि पुशबैक के नाम पर निर्दोष लोगों को डराया जा रहा है और उन्हें अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मुद्दा अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है।
सभा बीरभूम के रामपुरहाट क्षेत्र में आयोजित की गई है। सुबह से ही बड़ी संख्या में तृणमूल समर्थक सभा स्थल पर जुटने लगे हैं। पूरे इलाके में पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सभा आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बेहद अहम है। मतदाता सूची संशोधन (SIR), पुशबैक और नागरिकता जैसे मुद्दों पर जिस तरह से तृणमूल सरकार केंद्र के खिलाफ मुखर हो रही है, यह सभा उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
विपक्षी दलों ने तृणमूल पर आरोप लगाया है कि वह संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। हालांकि तृणमूल नेताओं का कहना है कि जब आम लोगों के साथ अन्याय होता है, तो उसे उठाना राजनीति नहीं बल्कि जिम्मेदारी है।
कुल मिलाकर, बीरभूम में आज हो रही अभिषेक बनर्जी की यह सभा राज्य की राजनीति में नई दिशा तय कर सकती है। पुशबैक मामले पर उनके बयान और आगे की रणनीति को लेकर पूरे पश्चिम बंगाल की नजर इस कार्यक्रम पर टिकी हुई है।