सागर द्वीप / दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज 1,670 करोड़ रुपये की गंगासागर सेतु परियोजना का शिलान्यास किया। इस बहुप्रतीक्षित सेतु के निर्माण से काकद्वीप और सागर द्वीप के बीच स्थायी सड़क संपर्क स्थापित होगा, जिससे लाखों लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
यह आधुनिक सेतु मुरिगंगा नदी पर बनाया जाएगा और इसकी लंबाई लगभग 4.8 किलोमीटर होगी। चार लेन वाले इस सेतु के बन जाने से सागर द्वीप के निवासियों को अब फेरी सेवाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। खराब मौसम, ज्वार-भाटा या भीड़भाड़ के कारण होने वाली परेशानियों से लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर केवल एक तीर्थस्थल ही नहीं है, बल्कि यहां रहने वाले लोगों का जीवन और जीविका इस क्षेत्र से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि यह सेतु स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और पर्यटन, व्यापार, मछली पालन तथा कृषि क्षेत्रों में बड़े अवसर पैदा करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केवल सेतु परियोजना ही नहीं, बल्कि 166 अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जिनकी कुल लागत लगभग 2,323 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा ढांचा और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही, आगामी गंगासागर मेले की तैयारियों की भी उन्होंने समीक्षा की।
स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि सेतु बनने से छात्रों, मरीजों और किसानों को विशेष लाभ मिलेगा। आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना आसान होगा और कृषि उत्पादों को बाजार तक ले जाना सरल हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगासागर सेतु न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, बल्कि यह दक्षिण बंगाल के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, गंगासागर सेतु परियोजना के शिलान्यास के साथ पश्चिम बंगाल के विकास के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो गया है।