कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने एक साथ 26 IPS और WBPS अधिकारियों का तबादला और नई नियुक्ति की घोषणा की है। इस निर्णय को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक कामकाज में गति लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल के तहत CID, खुफिया विभाग, पुलिस कमिश्नरेट, जिला पुलिस और राज्य सशस्त्र पुलिस बल में कार्यरत कई वरिष्ठ और मध्यम स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ अधिकारियों को संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है, जबकि कई को प्रमुख प्रशासनिक पदों पर स्थानांतरित किया गया है।
राज्य प्रशासन का मानना है कि हाल के दिनों में विभिन्न जिलों से सामने आई कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया था। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, CID और खुफिया विभाग में नई तैनाती का उद्देश्य संगठित अपराध, आर्थिक अपराध और अन्य गंभीर मामलों की जांच को तेज करना है। वहीं, पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी यह फेरबदल किया गया है।
इस बड़े प्रशासनिक निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार प्रशासन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल बेहतर शासन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
कुल मिलाकर, राज्य पुलिस और प्रशासन में हुए इस बड़े फेरबदल से आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।