कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित आलिपुर चिड़ियाघर में इन दिनों एक असामान्य घटना ने चिड़ियाघर प्रशासन और पशु प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। चिड़ियाघर में मौजूद एक वयस्क हिप्पो (दरियाई घोड़ा) पिछले लगभग 14 दिनों से लगातार पानी में ही रह रहा है और सामान्य रूप से जमीन पर बाहर नहीं निकल रहा।
चिड़ियाघर सूत्रों के अनुसार, आमतौर पर हिप्पो दिन के एक हिस्से में पानी में रहता है और समय-समय पर बाहर निकलकर आराम करता है तथा भोजन ग्रहण करता है। लेकिन हाल के दिनों में इस हिप्पो के व्यवहार में स्पष्ट बदलाव देखा गया है। वह लगभग पूरे समय तालाब के भीतर ही बना हुआ है, जिसे विशेषज्ञ सामान्य नहीं मान रहे।
पशु चिकित्सकों का मानना है कि मौसम में बदलाव, ठंड का असर, मानसिक तनाव या पर्यावरणीय कारण इस व्यवहार के पीछे हो सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ यह भी आशंका जता रहे हैं कि लंबे समय से साथी की अनुपस्थिति या आसपास के वातावरण में बदलाव का असर भी हिप्पो पर पड़ा हो सकता है। हालांकि, अब तक किसी गंभीर शारीरिक बीमारी के स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आए हैं।
आलिपुर चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि हिप्पो की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है, उसके भोजन की मात्रा और पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर बाहर के वन्यजीव विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद चिड़ियाघर आने वाले दर्शकों में भी उत्सुकता और चिंता दोनों देखी जा रही हैं। कई लोग हिप्पो को लगातार पानी में देखकर उसकी सेहत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और हिप्पो की देखभाल में कोई कमी नहीं की जा रही।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जानवर के व्यवहार में अचानक बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह भविष्य में किसी शारीरिक या मानसिक समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में समय रहते निगरानी और उचित कदम उठाना बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल, आलिपुर चिड़ियाघर प्रशासन का मुख्य लक्ष्य हिप्पो की सेहत को पूरी तरह सुरक्षित रखना है। आने वाले कुछ दिनों की निगरानी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह असामान्य व्यवहार अस्थायी है या इसके पीछे कोई और गंभीर कारण छिपा है।