पश्चिम बंगाल में केंद्र और राज्य सरकार के बीच जारी तनातनी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका दाखिल कर राज्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला आई-पैक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच से संबंधित है।
আজ স্বামী বিবেকানন্দের জন্মবার্ষিকী। এই দিনটি শুধু একটি জন্মদিন নয়, বরং ভারতীয় চিন্তা, চেতনা ও আত্মবিশ্বাসের পুনর্জাগরণের স্মারক। একবিংশ শতাব্দীতেও যাঁর দর্শন, আদর্শ ও বাণী সমানভাবে প্রাসঙ্গিক, তিনি স্বামী বিবেকানন্দ।
Today marks the birth anniversary of Swami Vivekananda, one of India’s greatest spiritual leaders, philosophers, and reformers. On this day, the nation remembers a man whose ideas transcended time, geography, and religion, shaping not only modern India but also influencing global thought on spirituality, humanity, and self-realisation.
পশ্চিমবঙ্গে শীতের প্রকোপ এখনও পুরোপুরি কাটেনি। যদিও সাম্প্রতিকভাবে রাতের তাপমাত্রায় সামান্য বৃদ্ধি লক্ষ্য করা যাচ্ছে, তবুও রাজ্যের বিভিন্ন জেলায় শীতের অনুভূতি বজায় থাকবে বলেই জানিয়েছে আবহাওয়া দফতর। বিশেষ করে সকাল ও রাতের দিকে কনকনে ঠান্ডা অনুভূত হচ্ছে অধিকাংশ এলাকায়।
देश के विभिन्न हिस्सों में आज मौसम और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर हलचल तेज़ रही। एक ओर जहां कई राज्यों में मौसम विभाग ने ठंड और कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मोर्चे पर भी बयानबाज़ी और बैठकों का दौर जारी है।
स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की ओर से विशेष रूप से ‘विवेक यात्रा’ का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
আজ স্বামী বিবেকানন্দের ১৬৪তম জন্মবার্ষিকী উপলক্ষে পশ্চিমবঙ্গ জুড়ে নানা কর্মসূচির মাধ্যমে শ্রদ্ধা জানানো হয়েছে। কলকাতায় বিশেষভাবে নজর কেড়েছে বিজেপি যুব মোর্চার উদ্যোগে আয়োজিত ‘বিবেক যাত্রা’। সকাল থেকেই শহরের বিভিন্ন প্রান্তে উৎসবমুখর পরিবেশ লক্ষ্য করা যায়।
आज 12 जनवरी 2026 को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी मास्टरदा सूर्य सेन का शहीद दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन देश उस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। 1934 में आज ही के दिन अंग्रेज सरकार ने उन्हें फांसी देकर मृत्यु दंड दिया था, लेकिन उनका साहस और बलिदान आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरणा देता है।