शहरों में रोज़ लाखों पार्सल और सामान डिलीवरी होते हैं। डिलीवरी कर्मियों के कठिन परिश्रम को अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने डिलीवरी कर्मियों के रोज़मर्रा के संघर्ष को सोशल मीडिया पर नई दिशा दे दी है।
শহুরে জীবনের ব্যস্ততার মাঝেই প্রতিদিন নীরবে কাজ করে চলেছেন হাজার হাজার ডেলিভারি কর্মী। কিন্তু সেই পরিশ্রমের মাঝেই কখনও কখনও এমন দৃশ্য সামনে আসে, যা সমাজের মানবিকতার প্রশ্ন তুলে দেয়। সম্প্রতি এমনই একটি ভিডিও সামাজিক মাধ্যমে ভাইরাল হয়েছে, যেখানে এক ডেলিভারি কর্মীকে লিফট ব্যবহার করতে না দিয়ে ভারী পার্সেল কাঁধে নিয়ে বহু তলা সিঁড়ি বেয়ে উঠতে দেখা যায়।
केंद्र सरकार ने बजट 2026–27 के माध्यम से देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने की कोशिश की है। संसद में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा, रोजगार, निवेश, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की। सरकार का दावा है कि ये कदम आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को नए अवसर प्रदान करेंगे।
কেন্দ্রীয় বাজেট ২০২৬–২৭ পেশের সঙ্গে সঙ্গেই দেশজুড়ে শুরু হয়েছে আলোচনা। সংসদে বাজেট বক্তৃতায় কেন্দ্রীয় অর্থমন্ত্রী নির্মলা সীতারামন একের পর এক গুরুত্বপূর্ণ ঘোষণার মাধ্যমে স্পষ্ট করেছেন, আগামী দিনে শিক্ষা, কর্মসংস্থান, পরিকাঠামো ও বিনিয়োগ—সবকিছুকে একসঙ্গে এগিয়ে নিয়ে যাওয়াই সরকারের মূল লক্ষ্য।
केंद्र सरकार ने बजट 2026–27 में शिक्षा और डिजिटल कौशल को लेकर एक बड़ा और भविष्यकेंद्रित कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल युग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और सृजनात्मक कौशल को बढ़ावा देना है।
ডিজিটাল ভবিষ্যতের দিকে আরও এক ধাপ এগোল কেন্দ্র সরকার। বাজেট ২০২৬–২৭-এ পড়ুয়াদের জন্য এক গুরুত্বপূর্ণ ও যুগান্তকারী উদ্যোগের কথা ঘোষণা করা হল। দেশের শিক্ষা ব্যবস্থায় সৃজনশীল ও ডিজিটাল দক্ষতা বাড়াতে ১৫ হাজার স্কুল ও ৫০০ কলেজে কনটেন্ট ক্রিয়েটর ল্যাব স্থাপনের পরিকল্পনা নেওয়া হয়েছে।
केंद्रीय बजट 2026–27 पेश होने के दिन शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान और उसके बाद निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा, जिसके चलते बाजार लाल निशान में कारोबार करता दिखा। दिन के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक गिर गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 25,300 के आसपास फिसल गया।
কেন্দ্রীয় বাজেট ঘোষণার দিনেই শেয়ার বাজারে বড় ধাক্কা খেল বিনিয়োগকারীরা। শনিবার বাজার খোলার পর থেকেই অস্থিরতা দেখা যায় এবং বেলা বাড়ার সঙ্গে সঙ্গে লাল চিহ্নে আরও গভীরে ঢুকে পড়ে সূচকগুলি। দিনের লেনদেনে বম্বে স্টক এক্সচেঞ্জের সেনসেক্স প্রায় ৫০০ পয়েন্টেরও বেশি পড়ে যায়, অন্যদিকে জাতীয় স্টক এক্সচেঞ্জের নিফটি ঘোরাফেরা করে ২৫,৩০০ পয়েন্টের কাছাকাছি।